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UP: कानपुर के कारीगर ने एक हफ्ते में तैयार किया राम मंदिर, 80 हज़ार की लगी लागत

ByIcndesk

Jan 22, 2024

Report By-Shariq Khan Kanpur (UP)

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर एक भक्त ऐसा भी है, जिसने इवेंट कम्पनी के आर्डर पर एक भव्य अयोध्या मंदिर बनाकर तैयार कर दिया। आप भी सुनकर हैरान हो गए होगें। लेकिन ये सच है, दरअसल शैलेन्द्र गुप्ता एक व्यापारी के साथ कारीगर है। और कानपुर के संघ कार्यालय जूही पुल के पास के निवासी हैं एक कंपनी के आर्डर पर उन्होंने कार्डबोर्ड और लकड़ी से अयोध्या के प्रारूप का एक ऐसा मंदिर तैयार किया है। जिसको देखकर सभी हैरान हो गए मंदिर बनाने के बाद यह संघ कार्यालय में रखा गया।

जिस की नजर इस मंदिर में पड़ी उन्होंने शैलेंद्र गुप्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके हाथ में साक्षात मां सरस्वती की कृपा है। शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस मंदिर को तैयार करने में उनको एक हफ्ते का समय लगा है। और 80 हजार के आर्डर पर तैयार करके दिया गया। जिनको बनाने में उनकी दोनों बेटियां और एक बेटे का भरपूर सहयोग रहा है। शैलेन्द्र गुप्ता ने यह भी बताया कि उनको खुद नहीं विश्वास हो रहा है कि उन्होंने एक ऐसा मंदिर तैयार करके दिया है। जो अयोध्या मंदिर का बिल्कुल प्रारूप है। इवेंट कम्पनी आज अयोध्या में मंदिर का आने जाने वाले रामभक्तों के अवलोकन के लिए प्रदर्शित भी किया जायेगा, इस मंदिर की लोकप्रियता को देखते हुए शैलेंद्र गुप्त ने आगे इसके निर्माण में बृहद रूप से तैयारी शुरू कर दी है। उष्मित मैरौठिया खुशी मैरौठिया श्रेया मैरौठिया जो शैलेंद्र गुप्त के बच्चे हैं इन सब की मेहनत और मंदिर की हूबहू प्रतिकृति की लोग सराहना करते दिखे।

By Icndesk

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}