UP: उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री Dara Singh Chauhan ने शनिवार को जिला कारागार गौतमबुद्धनगर का दौरा किया। उनके आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया गया। जेल अधीक्षक बृजेश कुमार, कारापाल संजय कुमार शाही, राजेश कुमार मौर्या और अन्य अधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरे के दौरान मंत्री ने कारागार में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनमें चिकित्सालय के लिए 10 एकल कक्ष, महिला बैरक में 10 एकल कक्ष, इंडोर जिम, वेलनेस सेंटर और तीन गोदाम शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने पेयजल के लिए ट्यूबवेल और सामुदायिक भवन का शिलान्यास भी किया।
कौशल विकास और पुनर्वास पर जोर
मंत्री ने कारागार के कौशल विकास केंद्र का निरीक्षण किया, जहां बंदियों को सिलाई, हेयर कटिंग, कंप्यूटर प्रशिक्षण, संगीत, नृत्य और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एम एंटरप्राइजेज, एचसीएल, इंडिया विजन फाउंडेशन और प्रोमेथियस स्कूल जैसी संस्थाओं का सहयोग इस दिशा में उल्लेखनीय रहा। मधुमक्खी पालन, एलईडी झालर-झूमर निर्माण, मूर्तिकला और जैविक खाद उत्पादन जैसी गतिविधियों ने विशेष ध्यान खींचा, जो बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मंत्री ने औषधीय वाटिका का भी अवलोकन किया, जहां ब्राह्मी, अश्वगंधा, सर्पगंधा और इंसुलिन जैसी औषधीय पौधों की खेती की जा रही है। इस पहल ने उन्हें खासा प्रभावित किया।
आध्यात्मिक आयोजन बना आकर्षण
दौरे की सबसे खास बात रही रुद्राभिषेक और शिव बारात का आयोजन, जिसमें मंत्री ने बंदियों के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सभी कैदियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के कल्याण की प्रार्थना की। मंत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल मन को शांति देते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी फैलाते हैं।
जेल प्रशासन की सराहना
दारा सिंह चौहान ने जेल प्रशासन के सुधारात्मक और पुनर्वास के प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक बृजेश कुमार, कारापाल संजय कुमार शाही, राजेश मौर्या, उपकारापाल सुरजीत सिंह, शिशिरकांत कुशवाहा, कमलचंद्र, अनुप कुमार, अनुज कुमार, ज्ञानलता पाल, मनोरमा सिंह और समाजसेवी राजा सैफी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यह दौरा जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में सुधार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रयासरत है।


