Report By: Amit Rana( Ghaziabad B. Cheif)
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने विद्युत विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी अधिकारियों की उपस्थिति ऑनलाइन फेस अटेंडेंस सिस्टम के माध्यम से दर्ज की जाएगी, और यही उपस्थिति उनके वेतन से सीधे जुड़ी होगी।
पहले चरण में अप्रैल माह से संविदा कर्मियों, बिजली घरों के स्टाफ, लाइनमैन और अवर अभियंताओं को इस प्रणाली में शामिल किया गया था। अब इसे विभाग के सभी अधिकारियों पर लागू किया जा रहा है, जिससे अनुपस्थिति या लापरवाही सीधे वेतन पर असर डालेगी।
अब यूपी पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष के निर्देश पर यह व्यवस्था सभी अधिकारियों पर लागू कर दी गई है। जोन-दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि अब मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मोबाइल एप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।
अब केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा जिनकी उपस्थिति ऑनलाइन माध्यम से दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से कर्मचारियों का समय पर कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित होगा। यदि कोई कर्मचारी बिजली संबंधित कार्य के कारण कार्यालय से बाहर है, तो वह मोबाइल एप के माध्यम से कारण दर्ज करेगा।
उसके बाद संबंधित नियंत्रक अधिकारी द्वारा उसे स्वीकार करने पर ही उसकी हाजिरी मानी जाएगी। इस व्यवस्था से खास तौर पर कार्यालय में तैनात स्टाफ की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
अब केवल उन्हीं अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा, जिनकी उपस्थिति ऑनलाइन फेस अटेंडेंस सिस्टम के माध्यम से दर्ज होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों का समय पर कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यदि कोई कर्मचारी बिजली से जुड़े कार्य के सिलसिले में कार्यालय से बाहर रहता है, तो उसे मोबाइल एप के माध्यम से अपना कारण दर्ज करना होगा। यह उपस्थिति तभी मान्य मानी जाएगी, जब संबंधित नियंत्रक अधिकारी उसे स्वीकृति प्रदान करेगा।
इस नई व्यवस्था से विशेष रूप से कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की कार्यशैली में स्पष्ट बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में सुधार की उम्मीद है।

