राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की दो टीमें मौके पर मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि मलबे में अभी और लोगों के फंसे होने की आशंका है। शुरुआत में संकरी गलियों की वजह से मलबा हाथों से हटाना पड़ा, लेकिन अब भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। अब तक 17 लोगों का पता चला है—14 की मौत हो चुकी है, एक घायल है और दो लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। VVMC अधिकारी गिल्सन गोंसाल्वेस ने बताया कि राहत कार्य अब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने यह भी बताया कि जिस चॉल पर इमारत का हिस्सा गिरा था, वह खाली थी, जिससे बड़ी त्रासदी टल गई। आसपास की चॉलों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अवैध इमारत और बेघर परिवार
रामाबाई अपार्टमेंट में कुल 50 फ्लैट थे, जिनमें से 12 फ्लैट प्रभावित हिस्से में थे। हादसे ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। प्रभावितों को चंदनसर समाजमंदिर में शिफ्ट किया गया है, जहां उन्हें भोजन, पानी, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।