बारवी डैम का जलस्तर घटा, जल संरक्षण को लेकर बढ़ी चिंता
थाने जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली बारवी डैम में इस वर्ष जलस्तर में मामूली गिरावट आई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले कम है। 25 मई के आंकड़ों के अनुसार, डैम में वर्तमान जल स्तर 60.79 मीटर है और इसकी जीवित भंडारण क्षमता 109.51 मिलियन घन मीटर है, जो कुल क्षमता का 32.31% है।
पिछले वर्ष इसी दिन डैम का जल स्तर 60.88 मीटर तथा जल भंडारण 110.70 मिलियन घन मीटर (32.67% क्षमता) था। हालांकि यह अंतर मामूली प्रतीत होता है, लेकिन अधिकारी और विशेषज्ञ बदलते मौसम के कारण आगामी महीनों में जलसंकट की आशंका जताते हैं।
जलस्तर में गिरावट के प्रमुख कारणों में वर्षा का समय और मात्रा सबसे अहम हैं। वर्ष 2025 में बरसात पूर्व वर्षा 13 मई से शुरू हो गई थी, जिससे डैम के जलस्तर को बनाए रखने में मदद मिली थी। उस समय बादल छाए रहने और वर्षा के कारण जलाशय से वाष्पीकरण कम हुआ था।
वहीं इस वर्ष मई के अंत तक भी पूर्व-मॉनसून वर्षा के कोई संकेत नहीं दिखाई दिए हैं। निरंतर बढ़ रही गर्मी और तेज धूप के कारण जलाशय का वाष्पीकरण अधिक हुआ है, जिससे जलस्तर तेजी से गिरा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक जलवायु परिवर्तन और एल नीनो की बढ़ती प्रभावशीलता ने भी इस स्थिति को प्रभावित किया है। मौसम विश्लेषकों के मुताबिक, इस वर्ष सक्रिय एल नीनो प्रभाव के कारण मानसून की शुरुआत और उसकी तीव्रता प्रभावित हो सकती है। जबकि पिछले वर्ष मई के मध्य में वर्षा ने जल्द राहत प्रदान की थी, वर्तमान में क्षेत्र में सूखे और गर्म मौसम का प्रकोप बना हुआ है।
मौसम में बदलाव और वर्षा में देरी की आशंका के चलते अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है। डैम में अभी भी 32% से अधिक जल भंडारण उपलब्ध है, लेकिन प्रशासन और जनता दोनों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देना होगा ताकि आने वाले महीनों में जल संकट से बचा जा सके।