Report By : Ankit Srivastav (Bihar Politics)
हाल ही में बिहार की राजनीति से जुड़ा एक पोस्टर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। पोस्टर में लिखा था ‘नीतीश सब के है’। ऐसा कहना लाजमी भी है क्योंकि नीतीश कभी बीजेपी के साथ सरकार में रहते है तो कभी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ। इस पोस्टर पर लिखा वाक्य एक बार फिर कल यानी रविवार को सत्य साबित हो गया। लेकिन क्या आपको पता है जेडी(यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के बिहार में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के पहले उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया था। पीएम ने इस दौरान उन्हें बधाई भी दी थी।
दरअसल, नीतीश कुमार ने रविवार (28 जनवरी, 2024) को इस्तीफा देने के साथ वर्य 2022 से चल रहे जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन को समाप्त कर दिया। PM नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करने के बाद नीतीश कुमार ने राज भवन जाकर महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और राज्यपाल से उस सरकार को समाप्त करने आग्रह किया।
मोदी के साथ नीतीश के पोस्टर
वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद पटना में प्रधानमंत्री मोदी के साथ नीतीश कुमार के पोस्टर भी लगाए गए। जानकारी के अनुसार, सीएम आवास में जदयू विधायक दल की बैठक हुई जिसमें नीतीश कुमार को सभी प्रकार का निर्णय लेने के लिए एकमत से अधिकृत कर दिया गया था। उसके बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। चर्चा ये भी थी कि विधायकों की बैठक के दौरान ही नीतीश कुमार को पीएमओ से फोन आया। बिना देरी किए नीतीश ने फोन ले लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर नीतीश कुमार से बात की और उन्हें बिहार की नई सरकार के लिए अग्रिम बधाई दी।
इस्तीफा देने के बाद ये बोले थे नीतीश
राज्यपाल को इस्तीफा सौंप कर निकले नीतीश कुमार ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए साफ कहा कि डेढ़ साल पहले उनके (गठबंधन ) के साथ सरकार बनाए, लेकिन सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। उन लोगों के साथ काम करने में परेशानी हो रही थी। बहुत मेहनत करके इंडिया गठबंधन बनाया, सबको एकजुट करने में काफी काम किया लेकिन उन्हें छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

