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UP-मथुरा में थमा रोडवेज बस का पहिया,जाम में फॅसे लोगो को हुई दुश्वारियां

यूपी के मथुरा में भारत सरकार द्वारा पारित नए सड़क कानून के विरोध में ट्रक चालकों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक चालकों को समझाया। इसके बाद चालकों ने जाम खोल दिया। सड़क मार्ग पर तेजगति एवं लापरवाही से वाहन चलाने के कारण सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है।

शुक्रवार को भारत सरकार द्वारा नया सड़क कानून पारित किया गया है। इसके विरोध में कुछ ट्रक राजमार्ग पर आड़े-तिरछे खड़े करके रोष व्यक्त किया था। सोमवार को फिर से दोपहर में ट्रक चालकों ने नए कानून का विरोध करते जाम लगा दिया। इससे कुछ ही देर में दोनों तरफ राजमार्ग पर जाम लग गया।
महाराष्ट्र निवासी ट्रक चालक सुखविंदर ने बताया नए सड़क कानून के मुताबिक हिट एंड रन की स्थिति में 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। अधिकांश वाहन चालक दुर्घटना के बाद जान बचाने के लिये मौके से भागते हैं, क्योंकि वहां मौजूद जनता उनकी बुरी तरह पिटाई करती है। मध्यप्रदेश निवासी ट्रक चालक लोकेंदर सिंह ने बताया अधिकांश वाहन चालक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन जनता की पिटाई के डर से भाग जाते हैं। पुलिस भी बड़े वाहन चालकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करती है। सूचना पर स्थानीय पुलिस फोर्स पहुंच गया। चालकों को समझा-बुझाकर वाहनों का आवागमन सुचारू कराया। एसएसआई सुभाषचंद्र शर्मा ने बताया ट्रक चालकों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}