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हैंटावायरस क्यों नहीं है ‘अगला कोविड’

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May 14, 2026 #droplets, #source
Why hantavirus isn’t the ‘next Covid’

हैंटावायरस: कोविड जैसा खतरा नहीं, लेकिन सावधानी आवश्यक है

मार्च 2020 में सिडनी में रुबी प्रिंसेस क्रूज जहाज पर कोविड-19 के तेजी से फैलने की घटना दुनिया के सामने भयावह पैमाने पर सामने आई थी। उस जहाज के जब यात्रियों और चालक दल के सदस्य उतरे, तो 575 संक्रमित पाए गए थे और वायरस समुदाय में तेजी से फैल गया था। इसी कारण जब एमवी हॉन्डियस जहाज पर एंडेस वायरस के संभावित संपर्क में यात्रियों को क्वारंटीन करने की घोषणा हुई, तो चिंता स्वाभाविक थी।

एंडेस वायरस एक प्रकार का हैंटावायरस है जो चूहों और अन्य कशेरुक वंश के जीवों से फैलता है। हालांकि, कोविड की तुलना में यह वायरस पूरे स्तर पर वह जोखिम नहीं रखता जो वैश्विक महामारी बनने के लिए आवश्यक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि एंडेस वायरस को ‘अगला कोविड’ कहना सही नहीं होगा, लेकिन यह वायरस गंभीर है और सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

11 मई तक यूरोपीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्रूज जहाज से जुड़े नौ मामलों की पुष्टि की है, जिनमें सात पुष्ट और दो संभावित मामले शामिल हैं। इन मामलों में तीन लोगों की मृत्यु भी हुई है। पांच ऑस्ट्रेलियाई और एक न्यूजीलैंड के नागरिकों को ऑस्ट्रेलिया वापस लाकर राष्ट्रीय रेज़िलिएंस सेंटर, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया स्थित राफ बेस पियर्स के निकट क्वारंटीन और निगरानी में रखा जा रहा है।

हैंटावायरस कैसे फैलता है? ये वायरस सामान्यतः चूहों, चुहियों और अन्य कशेरुक जीवों में पाए जाते हैं। इंसानों में संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित पशु के शुक्रणुकीकणों (droplets) या विषैले कणों की साँस लेने से होता है। सीधे संपर्क या संक्रमित खाद्य पदार्थ के माध्यम से भी संक्रमण संभव है।

एंडेस वायरस और कोविड में क्या अंतर है?

कोविड-19 एक वैश्विक महामारी थी जो तेजी से मनुष्यों से मनुष्यों में फैलती थी, जिसके कारण सामाजिक संपर्क, यात्रा और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भारी प्रभाव पड़ा। इसके विपरीत एंडेस वायरस सीमित क्षेत्रों और विशिष्ट स्रोतों तक सीमित है, और इसके मानव से मानव संचरण क्षमता कोविड की तुलना में बहुत कम है।

सरकारी एजेंसियाँ इस वायरस को गंभीरता से ले रही हैं और संक्रमण की रोकथाम के लिए उचित कदम उठा रही हैं। सार्वजनिक जागरूकता और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से संक्रमण की संभावना को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है।

इस प्रकार, जबकि एंडेस वायरस को लेकर सतर्कता आवश्यक है, लेकिन इसे ‘अगला कोविड’ बताना अतिशयोक्ति होगी। हमें सचेत और सूचित रहना होगा, पर घबराना नहीं।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)