Report By : ICN Network
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने ग्रेटर नोएडा से अलीगढ़ तक के 41 गांवों में किसानों से लगभग 13,300 एकड़ भूमि सीधे खरीदने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भविष्य की बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए एक मजबूत लैंड बैंक तैयार करना है, जिससे औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक ढांचे को गति मिल सके।
हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में प्राधिकरण ने 9,200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया, जिसमें से 5,000 करोड़ रुपये केवल भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत गौतमबुद्ध नगर के 36 और अलीगढ़ के 5 गांवों में किसानों से भूमि खरीदी जाएगी। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए किसानों को तीन महीने के भीतर उनकी भूमि के बदले 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।
अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में लगभग 250 एकड़ भूमि पर एक लॉजिस्टिक हब विकसित किया जाएगा, जिसमें 12 वेयरहाउस और 6 से अधिक भंडारण केंद्र शामिल होंगे। यह परियोजना करीब 640 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित होगी और इससे क्षेत्र में लगभग 10,000 रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा जैसे छह जिलों में फैला हुआ है। फिलहाल फेज-1 में गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर का विकास हो रहा है, जबकि फेज-2 में मथुरा और अलीगढ़ तथा फेज-3 में आगरा और हाथरस को शामिल किया गया है। इस व्यापक योजना के माध्यम से प्राधिकरण क्षेत्रीय विकास को एक नई दिशा देने की तैयारी में है।