Report By : ICN Network
उत्तर प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से घोषित संपत्तियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसी संपत्तियों की पहचान करें जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं और जिन्हें नियमों के विरुद्ध वक्फ घोषित किया गया है। इन संपत्तियों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग के अनुसार, प्रदेश में वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई कई संपत्तियों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक, सुन्नी वक्फ बोर्ड की 2,533 और शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां ही अधिकृत रूप से पंजीकृत हैं, जबकि वक्फ बोर्ड के आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन, ग्राम समाज की जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां किसी भी सूरत में वक्फ घोषित नहीं की जा सकतीं। केवल उन्हीं संपत्तियों को वक्फ माना जाएगा जो किसी व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से दान की गई हों।
सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में तालाब, चारागाह, खलिहान और सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को वक्फ घोषित कर कब्जा कर लिया गया था। अब ऐसे मामलों में जांच के बाद जमीन को सरकार की संपत्ति घोषित कर वापस लिया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि अवैध तरीके से वक्फ घोषित की गई हर संपत्ति पर कानून सम्मत कार्रवाई होगी, और दोषियों पर भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में एक सभा को संबोधित करते हुए वक्फ बोर्ड पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर वक्फ बोर्ड के मनमाने दावे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उनकी सरकार के तहत अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं और माफियाओं पर सख्त कार्रवाई हो रही है।
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