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ऑटो, टैक्सी चालकों के लिए राज्य सरकार द्वारा भाषा नियमों को सख्त किए जाने पर मुफ्त मराठी प्रशिक्षण

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Apr 24, 2026 #MNS, #source
Free Marathi Training for Auto, Taxi Drivers As State Government Tightens Language Rules

ऑटो व टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा प्रशिक्षण शुरू, राजकीय नियमों में कड़ाई

महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा सीखने हेतु एक संगठित प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। यह पहल 1 मई से शुरू होने वाले भाषा दक्षता मूल्यांकन से पूर्व संचालित की जाएगी।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनेक ने 23 अप्रैल को यह घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य न सिर्फ ड्राइवरों और यात्रियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है, बल्कि मराठी भाषा के सम्मान और समझ को भी बढ़ावा देना है।

सरकार ने इस अभियान के लिए मुंबई मराठी साहित्य संघ और कोकण मराठी साहित्य परिषद जैसी साहित्यिक संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। इन संस्थाओं द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिन्हें व्यक्तिगत कक्षाओं और ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। साहित्य परिषद अपनी शाखाओं के माध्यम से सत्र आयोजित करेगी, जबकि साहित्य संघ डिजिटल शिक्षा के लिए स्वयंसेवी शिक्षक तैनात करेगा।

हाल ही में मराठी को एक शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता मिलने के बाद इस भाषा को बढ़ावा देने के प्रयास और भी तेज हुए हैं। इसी कड़ी में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) ने मुंबई में ऑटो रिक्शा पर ऐसे चालक जिनके पास मराठी संवाद की क्षमता है, उनके नाम स्टिकर लगाने का काम शुरू कर दिया है।

सरनेक ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई नीति नहीं बल्कि पहले से मौजूद नियमों को सख्ती से लागू करने का प्रयास है। यह नियम सार्वजनिक सेवा में लगे व्यक्तियों द्वारा मराठी भाषा के उपयोग को अनिवार्य करता है। इस अभियान का विस्तार ऐप आधारित ड्राइवरों जैसे ओला और उबर के लिए भी किया जाएगा।

प्रशासन ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण का संचालन लचीले और चालक के अनुकूल तरीके से किया जाएगा, ताकि काम के लंबे और असमय घंटों वाले ड्राइवरों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। फिर भी, इस योजना के क्रियान्वयन और व्यापकता को लेकर कुछ चुनौतियां मौजूद हैं।

मुंबई में लगभग 2,80,000 ऑटो रिक्शा और 20,000 टैक्सी परमिट संचालित हैं, जिनमें लगभग पांच लाख ड्राइवर विभिन्न शिफ्टों में काम करते हैं। ऐसे में सभी का समुचित प्रशिक्षण और मूल्यांकन कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

इसके अतिरिक्त, इस भाषा दक्षता मूल्यांकन अभियान का एक उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे अवैध और संदिग्ध परमिटों की पहचान भी करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे यात्रियों को ड्राइवरों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी और सेवाओं की गुणवत्ता भी सुधरेगी, साथ ही मराठी भाषा की सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती मिलेगी।

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