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टीसीएस नासिक केस: आईटी कर्मचारियों के संगठन ने श्रम मंत्रालय से पॉश अनुपालन ऑडिट की मांग की

ByAnkshree

Apr 13, 2026 #Business, #nites
TCS Nashik case: IT employees’ body approaches Labour Ministry, seeks POSH compliance audit in tech firm
नासिक, महाराष्ट्र। नासिक की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के हालिया विवाद ने एक बार फिर पॉश (पॉजिटिव सेक्सुअल हॉरसमेंट) अनुपालन की जरूरत को उजागर किया है। नासिक में कार्यरत आईटी कर्मचारियों के संगठन NITES ने श्रम मंत्रालय से तुरंत और निर्णायक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने पूरी कंपनी में पॉश अनुपालन के संदर्भ में एक व्यापक और समयबद्ध ऑडिट और निरीक्षण कराने की मांग की है।

तनावग्रस्त माहौल में यह कदम कंपनी के कर्मचारी कल्याण के लिए अहम माना जा रहा है। इस मांग के पीछे NITES का मानना है कि पॉश संबंधी नियमों का सख्ती से पालन होना आवश्यक है ताकि कार्यक्षेत्र को सुरक्षित व सम्मानजनक बनाया जा सके। संगठन ने मंत्रालय से कहा है कि इस मामले को लेकर तेजी से कार्रवाई हो ताकि ऐसे मुद्दे दोबारा न उठें।

सूत्रों की मानें तो कई कर्मचारियों ने पिछले कुछ महीनों में कथित रूप से पॉश नियमन के उल्लंघन की शिकायतें दर्ज करवाई हैं। ऐसे में संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर समाधान नहीं निकाला गया तो वे और भी गंभीर कदम उठा सकते हैं।

श्रम मंत्रालय ने फिलहाल इस मामले की जांच शुरू करने की बात कही है लेकिन स्पष्ट रूप से कोई अंतिम फैसला अभी तक नहीं लिया गया है। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वे न्यायसंगत और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे।

विश्लेषकों की राय है कि इस तरह के कदम से कंपनियों को अपने कार्यस्थलों पर पॉश नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। नासिक जैसे आईटी हब में यह मुद्दा कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करता है और इनके लिए उपयुक्त कार्य वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।

इस घटना के बाद कई अन्य कर्मचारियों ने भी अपनी शिकायतें दर्ज करने की बात कही है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पॉश अनुपालन केवल एक कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जो सभी सस्ते निगमों को समझनी होगी।

इधर, कंपनी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जांच में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। कंपनी ने कर्मचारियों के सुरक्षात्मक वातावरण पर जोर दिया है और आश्वासन दिया है कि सभी नियमों का पालन किया जाएगा।

नासिक में तकनीकी उद्योग और कर्मचारियों के हित के लिए यह मामला एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है। आने वाले दिनों में मंत्रालय और कंपनी के बीच हुई कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )