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मार्च में खुदरा महंगाई दर 3.4% तक पहुंची

ByAnkshree

Apr 13, 2026 #cpi, #economy, #nso
Retail inflation inches up to 3.4% in March
नई दिल्ली, भारत – राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर 3.4% दर्ज की गई है। यह आंकड़ा नई श्रृंखला पर आधारित है, जिसका आधार वर्ष 2024 रखा गया है। इस नई सीरीज ने देश की आर्थिक स्थितियों और बाजार के परिवर्तनों को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

खुदरा महंगाई दर, जिसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के रूप में भी जाना जाता है, उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले औसत परिवर्तन को मापता है। इस दर में वृद्धि का मतलब है कि उपभोक्ताओं को वस्तुओं और सेवाओं के लिए अधिक भुगतान करना पड़ रहा है जो उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं।

NSO के चीफ इकोनॉमिक एनालिस्ट ने बताया कि नई आधार वर्ष 2024 के कारण अब महंगाई दर की गणना में ऐसे आधुनिक पैटर्न और खर्च के व्यय शामिल किए गए हैं जो पिछले कुछ सालों में आए हैं। इससे सरकार और नीति निर्धारकों को वास्तविक और अद्यतन आर्थिक तथ्यों के आधार पर नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान महंगाई दर 3.4% अपेक्षाकृत नियंत्रण में है, जो केंद्रीय बैंक की मुद्रास्फीति लक्ष्य सीमा के भीतर रहती है। हालांकि, कच्चे तेल और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने इसके स्तर को प्रभावित किया है। समय-समय पर इस महंगाई दर की निगरानी सरकार और व्यवसायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहती है ताकि वे बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर त्वरित निर्णय ले सकें।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अगर आने वाले महीनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहीं तो महंगाई दर इसी स्तर पर बनी रह सकती है। लेकिन यदि तेल की कीमतें बढ़ती हैं या कृषि उत्पादन प्रभावित होता है, तो यह दर बढ़ भी सकती है।

इस प्रकार, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की नई सीरीज के आधार पर खुदरा महंगाई दर की यह रिपोर्ट उपभोक्ताओं, नीति निर्माताओं और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक साबित होगी। यह न केवल आर्थिक स्वास्थ्य को दर्शाती है बल्कि आने वाले समय में वित्तीय नीतियों और बजट निर्धारण में भी मार्गदर्शन करेगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )