एमएमसी चुनाव विवाद: डॉक्टरों की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) के चुनावों को लेकर विवाद गंभीर तूल पकड़ चुका है, क्योंकि राज्य सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को हटाकर नामांकन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसका डॉक्टरों ने कड़ा विरोध किया है।
चिकित्सा संगठनों ने इस फैसले को निरस्त करने की मांग करते हुए भारत के सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भी लिखा है। वे इस कदम को अलोक तंत्र के खिलाफ बताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के रूप में देख रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि इससे हजारों पंजीकृत चिकित्सा पेशेवरों के मतदान अधिकारों पर असर पड़ेगा और यह निर्णय परिषद की स्वायत्तता के लिए खतरा है। कई संगठनों ने इस परिवर्तन को “विरोधी लोकतांत्रिक” करार दिया है एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान कानूनी प्रावधानों के अनुसार चुनाव कराने की मांग की है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की तैनाती की जाए ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
राज्य सरकार के इस फैसले के कारण चिकित्सा समुदाय में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिसमें परिषद के किसी भी ढांचे में बदलाव से पहले व्यापक परामर्श की मांग की जा रही है। यह विवाद चिकित्सा क्षेत्र में लोकतंत्र और स्वायत्तता के महत्व पर गहरा प्रश्न उठाता है।