कांग्रेस नेताओं ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता रागिनी नायक और अलका लांबा प्रमुख रूप से मौजूद थीं। नेताओं ने महिला आरक्षण बिल के कार्यान्वयन में देरी को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
रागिनी नायक ने कहा कि विरोध का मुख्य मकसद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महिला आरक्षण पर सक्रिय कदम न उठाना है। उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल क्यों लटका हुआ है। नायक ने परिसीमन और जनगणना को बिल में देरी का आधार बताया। उन्होंने पूछा कि इसे वर्ष 2034 तक के लिए क्यों टाला जा रहा है। कांग्रेस ने ता ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का फायदा उठाकर देश की अखंडता पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिसीमन को हथियार बनाकर देश की एकता को कमजोर किया जा रहा है। रागिनी नायक ने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को हास्यास्पद बताया। उन्होंने इसे कांग्रेस के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार दिया। अलका लांबा भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल थीं।
महिला आरक्षण पर सवाल
कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल के कार्यान्वयन में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। यह बिल वर्ष 2023 में संसद से पारित किया गया था। हालांकि, इसे परिसीमन और जनगणना के आधार पर वर्ष 2034 तक टाल दिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस देरी को महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन बताया।
प्रधानमंत्री के संबोधन पर आपत्ति
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। रागिनी नायक ने इसे पूरी तरह से हास्यास्पद और निराधार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संबोधन कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाने की साजिश थी। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।

