नोएडा का बताकर वायरल वीडियो असल में शहडोल (मध्यप्रदेश) का है
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों को एक व्यक्ति को पुलिस वेन में बैठाते और प्रताडि़त करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को 13-14 अप्रैल को नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान की घटना बताकर साझा किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से मारपीट कर रही है।
वीडियो को भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स, विशेष रूप से आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने शेयर किया था, हालांकि बाद में उन्होंने अपना पोस्ट हटा दिया। ये वीडियो मूल रूप से ‘खुचरेंप’ नामक एक अकाउंट से साझा किया गया था।
परंतु, इस वायरल दावे की सच्चाई अलग है। हमारी पड़ताल में यह साबित हुआ कि इस वीडियो का संबंध नोएडा से नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से है।
इस वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल लेंस से खोजने पर हमें दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिली, जिसमें इस घटना का पूरा विवरण उपलब्ध था। बताया गया कि यह घटना जैतपुर तिराहे के समीप विक्की गुप्ता की इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर हुई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, युवक सुनील कुमार शुक्ला, जो नशे की हालत में था, दुकान में घुसा और वहां सामान तोड़फोड़ करने लगा। दुकानदार के विरोध करने पर उसने गाली-गलौज की और हंगामा शुरू कर दिया, जिससे आसपास लोग जमा हो गए। पुलिस को सूचना मिलने पर डायल 112 और बुढार थाना की पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।
दैनिक भास्कर की वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध वीडियो में वह दृश्य भी हैं, जो वायरल वीडियो में नहीं दिखाए गए हैं। वहां साफ दिख रहा है कि युवक को गिरफ्तार करने से पहले भी स्थानीय लोगों ने उसके साथ मारपीट की।
हमने वीडियो में दिखाई गई पुलिस वाहन की नंबर प्लेट का भी विश्लेषण किया, जिसके आधार पर यह सुनिश्चित हुआ कि वाहन मध्यप्रदेश पुलिस की है, न कि उत्तरप्रदेश पुलिस की।
निष्कर्ष: वायरल वीडियो में दिख रही पुलिस कार्रवाई मध्यप्रदेश के शहडोल की घटना है, जबकि इसे नोएडा का बताकर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है।
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