एससी आरक्षण उप-वर्गीकरण पर महाराष्ट्र सरकार को प्रकाश आंबेडकर की कड़ी चेतावनी
महाराष्ट्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण को उप-वर्गीकृत करने के प्रस्तावित कदम को लेकर प्रकाश आंबेडकर ने मंगलवार को कड़ी चिंता व्यक्त की और इस प्रक्रिया को अनैजीनिक व पारदर्शिता से रहित बताया।
आंबेडकर का आरोप है कि बिना पर्याप्त आंकड़ों, समुचित परामर्श और सार्वजनिक सूचना के बिना एससी आरक्षण को विभिन्न वर्गों में बांटना आरक्षण नीति के मूल उद्देश्य को कमजोर कर सकता है तथा दलित समुदायों में तंगदिली उत्पन्न कर सकता है।
उन्होंने संवैधानिक पहलुओं को उजागर करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति आरक्षण में संरचनात्मक बदलाव केवल संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है और राज्य सरकार इस मामले में अपनी भूमिका पर सवाल उठाने योग्य है। इसके साथ ही न्यायिक बदर समिति द्वारा तैयार रिपोर्ट की आलोचना की, जिसमें न तो रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है और न ही उसकी कार्यप्रणाली स्पष्ट की गई है।
आंबेडकर ने चेताया कि इस मुद्दे को भ्रामक तरीके से संभालने से प्रभावित समुदायों में व्यापक असंतोष और प्रदर्शन हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करें और निर्णय लेने से पूर्व पारदर्शी तथा समावेशी प्रक्रिया अपनाएं।