ट्रंप का भारत को कर्ज़ देने वाला विवादित बयान: वायरल ग्राफिक की सच्चाई
सोशल मीडिया पर नवभारत टाइम्स के लोगो वाले एक ग्राफिक कार्ड ने खासा ध्यान आकर्षित किया है। इस ग्राफिक में डोनाल्ड ट्रंप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित बयान दर्शाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है, “हमने इंडिया को बहुत ज्यादा कर्ज दिया है, इतना कर्जा इससे पहले इंडिया के किसी पीएम ने नहीं लिया है, इतना पैसे का क्या करते हैं इंडिया के पीएम।” इस पोस्ट को ट्रंप का वास्तविक बयान बताया जा रहा है और तेजी से साझा किया जा रहा है। लेकिन क्या यह दावा सच है? इस तथ्य की पुष्टि के लिए व्यापक जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि यह ग्राफिक पूरी तरह से फर्जी है और ट्रंप ने इस प्रकार का कोई बयान नहीं दिया है। हमने गूगल लेंस की सहायता से वायरल ग्राफिक की छवि खोज की, जहां नवभारत टाइम्स के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ऐसा कोई चित्र या बयान नहीं मिला। इसके अलावा, विभिन्न कीवर्ड्स से खोज करने पर भी कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोत इस बयान की पुष्टि नहीं करता। अर्थात् यदि ट्रंप ने ऐसा कोई बयान दिया होता तो यह खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होतीं। नवभारत टाइम्स के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर भी इस ग्राफिक को फर्जी बताया गया है और असली ग्राफिक के साथ स्थिति स्पष्ट की गई है। नवभारत टाइम्स ने कहा है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से कई भ्रामक और नकली पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनका वे खंडन करते हैं।अमेरिका द्वारा भारत को दी गई आर्थिक सहायता और कर्ज की जानकारी ForeignAssistance.gov पर उपलब्ध है। उपलब्ध आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि बीते वर्षों में भारत की देनदारी में कमी आई है। 2025 में ट्रंप शासन ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से USAID की आर्थिक मदद में भारी कटौती की, जिसमें भारत सहित अन्य देशों को मिलने वाली सहायता कम की गई। भारत और अमेरिका के बीच कर्ज और अन्य लेनदेन की जानकारी यहाँ देखी जा सकती है। निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर वायरल ग्राफिक आधारित ट्रंप का बयान जिसमें उन्होंने भारत को कर्ज़ देने और प्रधानमंत्री मोदी का कथित तौर पर ज़िक्र किया है, पूर्णतः फर्जी है। ट्रंप ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया। कृपया ऐसी सूचनाओं की सच्चाई की जांच करें और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। यदि आपको इस प्रकार की कोई जानकारी प्राप्त होती है जिसकी सत्यता पर आपको संदेह हो, तो कृपया हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या ईमेल webqoof@thequint.com पर भेजें। हम आपकी सहायता करेंगे। हमारी अन्य फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहाँ पढ़ सकते हैं।पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर NBT के नाम से कई पोस्ट वायरल हो रही हैं और उन फ़र्ज़ी पोस्ट के जरिये भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं.
इस पोस्ट में दो तस्वीरें लगी हैं, जिनमें से एक फेक है और एक असली है. NBT की किसी भी खबर की सत्यता जांचने के लिए केवल NBT के आधिकारिक सोशल मीडिया… pic.twitter.com/OSYLhFWHUJ — NBT Hindi News (@NavbharatTimes) April 12, 2026

