दनकौर। कस्बा निवासी एक मेडिकल स्टोर संचालक से लड़की की आवाज में बात कर 1.20 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित को ठगी का पता चला तो पुलिस से शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने जांच कर आरोपी मामा-भांजे को गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़ित मेडिकल स्टोर संचालक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि एक महीने पहले उसकी मुलाकात करन निवासी नौरंगपुर और कैलाश निवासी छिजारसी से हुई थी। दोनों आरोपी मामा-भांजे हैं। दोनों ने पहले दोस्ती बढ़ाई और बाद में लड़की बनकर व्हाट्सएप पर उससे बातचीत शुरू कर दी। आरोप है कि लड़की बनकर चैट करने वाले आरोपियों ने पहले मदद के नाम पर उससे कुछ रुपये मांगे। इसके बाद हनी ट्रैप के झूठे केस में फंसाने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर रकम की वसूली शुरू कर दी। आरोपियों ने कई बार में पीड़ित से 1.20 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित का कहना है कि जब उसे अपने साथ ठगी का अहसास हुआ तो उसने दनकौर कोतवाली में मामले की शिकायत की।
पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की जांच की, जिससे व्हाट्सएप चैटिंग की जा रही थी तो पता चला कि मोबाइल सिम आरोपी करन के नाम पर पंजीकृत है जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
दनकौर कोतवाली प्रभारी का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपी मामा-भांजे करन और कैलाश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने शनिवार को दोनों को दनकौर कस्बे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी करन ने पुलिस को बताया कि वह बीए फाइनल ईयर का छात्र है जबकि उसकी मामा ड्राइवर है। दोनों जल्दी अमीर बनना चाहते थे इसलिए उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालक के साथ फर्जीवाड़ा किया था। कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

