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ग्रेटर नोएडा: निपुण भारत मिशन के तहत स्कूलों में लागू होंगे सीखने के 10 नए मानक

परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए शिक्षा विभाग ने 10 नए शैक्षणिक मानक तय किए हैं। इन मानकों के आधार पर बच्चों की सीखने की क्षमता, प्रगति और शैक्षणिक उपलब्धियों की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही स्कूलों में ऐसा सुरक्षित और सकारात्मक माहौल तैयार किया जाएगा, जहां बच्चे बिना किसी दबाव और डर के बेहतर ढंग से सीख सकें।बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि वर्तमान में निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब इस पहल का दायरा बढ़ाते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए भी नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं।

इनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषय शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को नियमित रूप से अभ्यास कार्य देने, उसका मूल्यांकन करने और बच्चों को सुधार संबंधी सुझाव देने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। विभाग का मानना है कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत शैक्षणिक नींव ही भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार तैयार करेगी। इसी उद्देश्य से ‘निपुण 2.0’ की रूपरेखा तैयार की जा रही है।हिंदी और गणित के लक्ष्य तैयारपहले चरण में हिंदी और गणित विषयों के लिए प्रारूप अधिगम लक्ष्य तैयार कर लिए गए हैं। अगले चरण में अंग्रेजी और ईवीएस विषयों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।

इन मानकों को व्यवहारिक और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। वर्चुअल परामर्श और विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से शिक्षकों से सुझाव लेकर प्रस्तावित लक्ष्यों का सत्यापन कराया जा रहा है। नए लर्निंग टारगेट्स को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद जिले में ‘निपुण संकल्प कार्यशाला’ आयोजित की जाएगी, जिसमें शिक्षकों, शैक्षणिक टीमों और प्रशासनिक अधिकारियों को नए ढांचे की विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )