नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्री उड़ानें शुरू होने के बाद बुधवार से कार्गो उड़ानें भी शुरू हो गई हैं। 17 जून को एयर इंडिया सेट्स ने भारत के पहले एकीकृत मल्टी-मॉडल कार्गो हब से माल ढुलाई के काम को शुरू कर दिया। एफ्कॉम होल्डिंग्स की बोइंग 737-800 एफ ने कार्गो उड़ान के पहले दिन चेन्नई-नोएडा-चेन्नई की उड़ान पूरी की। इसे भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे की पहली वाणिज्यिक शुरुआत माना जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कार्गो हब बनने के बाद आने वाले समय में पश्चिमी यूपी के उत्पादों की धमक विदेशों तक आसानी से पहुंच सकेगी। एयरपोर्ट में बने कार्गो के जरिए व्यापारी आसानी से अपने उत्पादों को विदेशों तक पहुंचा सकेंगे। वहीं, विदेश से सामान मंगाना भी आसान हो जाएगा। अभी उन्हें अपने उत्पाद को विदेशों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्यों का सहारा लेना पड़ता है।
उत्तर प्रदेश समेत आसपास के जिलों की दिल्ली इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो में अभी लगभग 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। क्योंकि अभी प्रदेश में कार्गो की सुविधा नहीं है, इसलिए व्यापारियों को अपना सामान विदेशों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली जाना होता है। नोएडा से व्यवस्थाएं शुरू होने के बाद यह 40 प्रतिशत हिस्सेदारी जेवर में आ जाएगी, जिससे दिल्ली का लोड भी कम होगा और व्यापारी आसानी से अपना सामान भेज सकेंगे।
नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो शुरू होने पर पश्चिमी यूपी के व्यापारियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। क्योंकि अभी उन्हें दिल्ली जाने में ज्यादा समय और रुपये खर्च करने होते हैं। इसके अलावा उन्हें ट्रैफिक और दिल्ली के कार्यों में एडवांस बुकिंग को देखते हुए पहले ही अपना माल भेजना पड़ता है। नोएडा से यह व्यवस्था शुरू होने के बाद पश्चिमी यूपी में बनने वाली दवाइयां, ताले, पीतल के बर्तन, टेक्सटाइल उत्पाद समेत विभिन्न वस्तुएं आसानी से विदेशों तक जा सकेंगी।कृषि निर्यात को मिलेगा बढ़ावाकार्गो हब बनने के बाद इस एयरपोर्ट का सबसे ज्यादा फायदा किसानों को मिलेगा। यूपी के साथ ही प्रदेश के बॉर्डर से सटे राज्य हरियाणा, राजस्थान समेत पंजाब और आसपास के किसान अपने कृषि उत्पादों को भी विदेशों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। कार्गो हब के अंदर अत्यधिक क्षमता का डीप फ्रीजर भी तैयार किया जा रहा है, जो कृषि और दुग्ध उत्पादों को संभाल सकेगा। क्योंकि इन्हें संभालने के लिए एयरपोर्ट के अंदर एकीकृत स्थान होगा। कोल्ड चेन की सुविधा के चलते कृषि, दुग्ध और मीट उत्पाद खराब नहीं होंगे।कार्गो संचालन में मददगार होगी अफकॉम कंपनीएआई सेट्स और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो संचालन के लिए साझेदारी की थी। यह साझेदारी अफकॉम कंपनी के साथ हुई है। चेन्नई स्थित इंटरनेशनल कार्गो एयरलाइन अफकॉम तीन बोइंग 737-800 मालवाहक विमानों के बेड़े का संचालन करती है। यह बैंकॉक, यांगून, हनोई, कोलंबो, माले और दुबई सहित प्रमुख गंतव्यों को सेवाएं प्रदान करती है। इससे उत्तर भारत में एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब के रूप में एयरपोर्ट की स्थिति और मजबूत होगी। बैंगलुरू, नवीं मुंबई और जम्मू के लिए भी उड़ान शुरूनोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) से वाणिज्यिक उड़ान शुरू होने के अगले दिन मंगलवार को अकासा एयर ने नोएडा से नवी मुंंबई और बंगलुरू के लिए फ्लाइटें शुरू की हैं। इसी के साथ इंडिगो ने भी जम्मू के लिए अपनी नियमित सेवा शुरू कर दी। एयरपोर्ट पर दूसरे दिन 12 विमान उतरे और सभी अलग अलग शहरों के लिए उड़ान भरी।अकासा एयर की पहली फ्लाइट सुबह नवी मुंबई से सुबह 9:35 बजे नोएडा पहुंची। यही फ्लाइट 10:15 बजे यात्रियों को लेकर रवाना हुई और दोपहर 12:30 बजे नवी मुंबई पहुंची। नवीं मुंबई की फ्लाइट को लेकर भी एयरपोर्ट में लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना था कि दिल्ली के मुकाबले यह एक बेहतर और सुविधाजनक विकल्प बन सकता है। अकासा एयर ने नवी मुंबई के साथ बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें शुरू की हैं। दोनों मार्गों पर हर दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी। वहीं, बंगलुरु से अकासा की फ्लाइट शाम 4:25 बजे रवाना हुई, जो शाम 7:15 बजे नोएडा पहुंची। इसी फ्लाइट ने नोएडा से 7:55 बजे उड़ान भरी और रात 11 बजे यात्रियों को लेकर बंगलुरु पहुंची।

