लगभग दो दशकों से अशांति का सामना कर रहे बलूचिस्तान में हाल के महीनों में जातीय बलूच विद्रोहियों और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा हिंसा में वृद्धि देखी गई है, जो क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं। Source Post navigation वह चोरी जो कभी हुई ही नहीं: शिकायतकर्ता की कार बोनट के नीचे ₹5 लाख नकद मिलेशहरनूश पारसिपुर, ‘वुमेन विदआउट मेन’ की लेखिका: ईरान ने खो दिया अपनी सबसे साहसी साहित्यिक आवाजों में से एक
पंचायत चुनाव से पहले BJP का बड़ा प्लान, राजस्थान के सातों संभागों में बनाई चुनाव समितियां Oct 3, 2026 admin