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Month: August 2025

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  • दिल्ली: चांदनी चौक में कई दुकानें होंगी सील

गुरुग्राम:शहर में पेयजल सुधार के लिए नई मास्टर लाइन डालने की परियोजना

गुरुग्राम। शहर में पेयजल सुधार के लिए नई मास्टर लाइन डालने की परियोजना को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सीईओ…

आरोपी हुआ रिहा तो अब पीड़ित और उसके वारिस भी कर सकेंगे अपील- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपराध पीड़ितों और उनके कानूनी वारिसों को अभियुक्तों के बरी होने के खिलाफ अपील करने का अधिकार…

ग्रेटर नोएडा: सेवियर बिल्डर व प्राधिकरण के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन किया…

ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित बुलंद एलीवेट्स सोसाइटी के घर खरीदारों ने रविवार को सेवियर बिल्डर व प्राधिकरण के खिलाफ…

नोएडा:बी डिजाइन (बीडेस) और एम डिजाइन (एमडेस) में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गई

नोएडा। सेक्टर-62 के यूपी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (यूपीआईडी) में बी डिजाइन (बीडेस) और एम डिजाइन (एमडेस) में प्रवेश की प्रक्रिया…

नोएडा: 65 सोसाइटियों की एओए पदाधिकारियों ने एक बैठक की

नोएडा। सेक्टर 76 स्थित आम्रपाली प्रिंसली एस्टेट सोसाइटी में रविवार को 65 सोसाइटियों की एओए पदाधिकारियों ने एक बैठक की।…

नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में सभी निर्माण पूरे होने के बाद भी रजिस्ट्री फंसी हुई है

नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 22 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में सभी निर्माण पूरे होने के बाद भी रजिस्ट्री फंसी हुई है।…

नोएडा: शहर के कलाकारों ने रामायण और नवरात्रि पर आधारित प्रस्तुतियाँ की तैयारियां शुरू कर दी

नोएडा। शहर के कलाकारों ने रामायण और नवरात्रि पर आधारित प्रस्तुतियाँ की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें रामायण पर…

नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया

बीजेपी विधायक नोएडा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा उत्तर प्रदेश श्री पंकज सिंह जी ने आज (रविवार) को नोएडा की विभिन्न…

दिल्ली:इन रास्तों पर जाने से बचें नहीं तो चलेगा मुकदमा

फिजी के प्रधानमंत्री सितवेनी राबुका के भारत दौरे के चलते नई दिल्ली में यातायात व्यवस्था प्रभावित रहेगी। सरदार पटेल मार्ग…

यूपी: हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश

लखनऊ में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस मुख्यालय और साइबर थानों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। डीजीपी ने…

Whatsapp पर मिला शादी का कार्ड, क्लिक करते ही सरकारी कर्मचारी के खाते से उड़ गए दो लाख

महाराष्ट्र के हिंगोली में एक सरकारी कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। उसे व्हाट्सएप पर शादी का निमंत्रण मिला…

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}