गुरुग्राम। शहर में पेयजल सुधार के लिए नई मास्टर लाइन डालने की परियोजना को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सीईओ ने मंजूरी दे दी है। अब इस परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर जारी होगा। 20 किमी लंबी पाइप लाइन से न्यू गुरुग्राम, पालम विहार और डीएलएफ फेज-3 समेत अन्य सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी।
परियोजना पर 99.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीएमडीए शहर में पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने में लगा हुआ है।
बसई से डीएलएफ फेज तीन तक करीब 20 किमी नई मास्टर पाइप लाइन डाली जानी है। पाइप लाइन डालने में जमीन समेत अन्य अड़चन को जीएमडीए की टीम ने दूर कर डीपीआर को फाइनल कर मंजूरी के लिए सीईओ श्यामल मिश्रा को भेजा था। सीईओ ने परियोजना को सिरे चढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
जीएमडीए मास्टर प्लान-2031 को ध्यान में रखकर शहर में पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। इस परियोजना में द्वारका एक्सप्रेसवे, पालम विहार और डीएलएफ फेज-3 समेत अन्य सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति के लिए मास्टर पेयजल लाइन डाली जाएगी। अभी पालम विहार क्षेत्र और अंतिम छोर वाले डीएलएफ फेज तीन में गर्मियों में पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है। पेयजल कम आपूर्ति वाले क्षेत्रों में नई पाइप लाइन डालने की मंजूरी जीएमडीए बोर्ड से मिली हुई है।
नई पाइप लाइन शहर के बाहर द्वारका एक्सप्रेसवे से होते हुए सेक्टर 23 व 23 ए, सेक्टर 19 व 22, चौमा से होकर जाएगी। जीएमडीए बसई नहरी पानी शोधन संयंत्र में 100 एमएलडी का नया संयंत्र बनवाने जा रहा है। निर्माण कार्य एक एजेंसी को अलॉट किया जाना है। नई पाइप लाइन से सेक्टर 101, 104, 108,110,110 ए, 111, न्यू पालम विहार और सराय गांव को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा सेक्टर एक व दो, सेक्टर 18 व 19, सेक्टर 20, सेक्टर 21, सेक्टर-22, 23, 23 ए समेत अन्य सेक्टर शामिल हैं।

