सोनम वांगचुक भूख हड़ताल के 20वें दिन भी अडिग, संसद तक मार्च करने का किया ऐलान
सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल के 20वें दिन जनता के सामने यह प्रतिबद्धता जताई है कि वे जिंदा रहकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सोमवार को संसद तक मार्च करने का भी संकल्प लिया है, जिससे उनकी मांगों को केन्द्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
वांगचुक की यह भूख हड़ताल स्थानीय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे अपनी मांगाें को लेकर संकल्पित हैं और बिना लक्ष्य पूरा किए पीछे नहीं हटेंगे। उनकी स्थिति कमजोर हो रही है, लेकिन उनका हौसला और प्रतिबद्धता मजबूती से कायम है।
इस आंदोलन को लेकर विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने समर्थन देना शुरू कर दिया है। नागरिक अधिकारों एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर यह भूख हड़ताल व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले दिनों वांगचुक ने कहा था कि वे शांति एवं संवाद के रास्ते से ही अपनी बात रखते रहेंगे।
पृष्ठभूमि में बताना जरूरी है कि सोनम वांगचुक लंबे समय से शैक्षणिक सुधारों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सक्रिय रहे हैं। उनका यह आंदोलन भी इसी कड़ी में आता है, जिसमें प्रशासन से उनकी मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वांगचुक की भूख हड़ताल केंद्र सरकार के लिए गंभीर संकेत है और इसे अनदेखा करना सही नहीं होगा। जनता में भी यह आंदोलन गहराई से फैल रहा है और कई नागरिक इसका समर्थन कर रहे हैं।
वांगचुक की इस स्थिति में, चिकित्सा समीक्षा जारी है और उनके समर्थक उनकी सुरक्षा एवं स्वस्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं। जल्द ही संसद मार्च के दौरान सामाजिक संगठनों एवं विपक्षी दलों से भी बड़ा समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि वांगचुक न केवल अपने लिए, बल्कि समाज के बेहतर भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में तकनीकी, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस आंदोलन का और प्रभाव देखने को मिल सकता है।