केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा आठ से 12 तक के विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीकों से जोड़ने की नई पहल शुरू की है।बोर्ड ने एनआइईएलआइटी (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी) डिजिटल यूनिवर्सिटी के 19 ऑनलाइन कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए हैं।इसके बाद जनपद के 150 से अधिक संबद्ध विद्यालयों ने भी इन कोर्सों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से परिचित कर डिजिटल दक्षता व रोजगारपरक कौशल विकसित करना है।
स्कूल प्रबंधन का मानना है कि नियमित पढ़ाई के साथ इन ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को जोड़ने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।इन 19 पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेनरेटिव एआई, पाइथन प्रोग्रामिंग, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी), डेटा साइंस एवं मशीन लर्निंग, बिग डेटा, एम्बेडेड सी, लिनक्स, विंडोज सर्वर एडमिनिस्ट्रेशन, एडब्ल्यूएस, वर्चुअलाइजेशन, वीएलएसआइ डिजाइन और रोबोटिक प्रोसेस आटोमेशन (आरपीए) जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं। इनकी अवधि डेढ़ घंटे से लेकर 20 घंटे तक है और सभी कोर्स विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह निश्शुल्क उपलब्ध रहेंगे। विद्यालय इन पाठ्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए आईटी क्लब, कंप्यूटर लैब और करिअर काउंसिलिंग सेल का सहयोग लेंगे। जागरूकता सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों को पंजीकरण, पाठ्यक्रम चयन और अध्ययन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। जिन विद्यार्थियों के पास घर पर इंटरनेट या कंप्यूटर की सुविधा नहीं है, उनके लिए विद्यालय परिसर में ऑनलाइन अध्ययन की व्यवस्था भी की जाएगी।

