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अमेरिका के व्हाइट हाउस के बाहर 30 हजार फिलिस्तीनी समर्थकों ने किया प्रदर्शन

Report By : Ankit Srivastav, ICN Network

गाजा में इजराइल के हमलों के बीच शनिवार को अमेरिका में राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस के बाहर 30 हजार फिलिस्तीन समर्थकों ने प्रदर्शन किया। लोग सिर पर हमास का पट्टा बांधकर फिलिस्तीन का झंडा लहराते नजर आए। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे एक शख्स के हाथ में राष्ट्रपति बाइडेन का मुखौटा भी था, जो खून से सना हुआ था।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अमेरिका के झंडे में आग भी लगाई। लोगों के हाथ में कई बैनर और पोस्टर भी थे। इसमें बाइडेन पर इतिहास के गलत पक्ष में होने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आजाद फिलिस्तीन के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि गाजा पर बमबारी में जितने बच्चों की जान गई है, उनकी चीख आपको हमेशा डराती रहेगी।

प्रदर्शनकारियों ने नेशनल पार्क के सर्विस रेंजर्स पर सामान भी फेंके। इसके अलावा वहां लगे स्टैच्यू को भी खंडित किया। उन्होंने इजराइल के लिए अमेरिका के समर्थन को खत्म करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए व्हाइट के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई।

जहां एक तरफ व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाइडेन पिछले 4 दिन से फ्रांस की स्टेट विजिट पर हैं। दूसरे विश्व युद्ध के ऐतिहासिक दिन डी-डे की 80 वीं सालगिरह से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बाइडेन के अलावा सुनक और जिनपिंग भी फ्रांस पहुंचे थे।

इजराइल और हमास में 8 महीने से जारी जंग के बीच प्रदर्शनकारी अमेरिका के अलग-अलग जगहों पर युद्ध को लेकर विरोध जताते नजर आते रहे हैं। अप्रैल में अमेरिका की 50 यूनिवर्सिटीज में महीने भर तक स्टूडेंट्स ने प्रोटेस्ट किया था। इस दौरान उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की हैमिल्टन बिल्डिंग को भी कब्जे में ले लिया था।

पुलिस ने 2 घंटे के अंदर इमारत को प्रदर्शनकारियों से छुड़ा लिया था। इस प्रदर्शन में पुलिस ने 2 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद करीब 1 हफ्ते पहले फिलिस्तीन समर्थकों ने न्यूयॉर्क के एक म्यूजियम पर कब्जा कर लिया था।

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि अमेरिका जंग में इजराइल का समर्थन करना बंद करे। इसके अलावा यूनिवर्सिटीज उन कंपनियों से अलग हो जाएं, जो इजराइल से लाभ कमाती हैं। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के छात्रों की मांग थी कि यूनिवर्सिटी का तेल अवीव कैंपस बंद किया जाए, क्योंकि यहां फिलिस्तीनी छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जाता है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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