शनिवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित बोर्ड रूम में चेयरमैन व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक जीरो पीरियड पॉलिसी दोबारा खुलने से 51 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों और बकायेदार बिल्डरों को राहत मिलेगी। पॉलिसी में 25 प्रतिशत बकाया जमा करने के बाद बाकी धनराशि की किस्तें नहीं जमा की जा रही थीं। जिसके बाद नवंबर 2025 में प्राधिकरण ने अंतिम नोटिस जारी कर डिफाल्टर घोषित कर दिया था। वहीं 11 बिल्डरों ने 25 प्रतिशत पूरी धनराशि नहीं जमा कर आंशिक धनराशि जमा की थी। इनको लाभ देने के मानक से बाहर कर दिया गया था। अब यह बिल्डर अपना बकाया जमा कर सकेंगे और छूट बरकरार रहेगी। इन परियोजनाओं में दस हजार से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री होनी हैं। पॉलिसी का शासनादेश आने के बाद 57 बिल्डरों पर 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा प्राधिकरण का बकाया दिसंबर 2023 में था। दो साल का जीरो पीरियड देने की गणना करवाकर प्राधिकरण ने 1,500 करोड़ रुपये की राहत दी थी। इनमें एनजीटी प्रभाव क्षेत्र में आने वाली 13 परियोजनाओं को 180 करोड़ रुपये राहत नोएडा प्राधिकरण ने 25 प्रतिशत बकाया मिलने के बाद दी। प्राधिकरण की तरफ से छोड़े गए कुल 1,680 करोड़ रुपये के सापेक्ष 36 बिल्डरों ने 872 करोड़ रुपये बकाया जमा कराया है। जिससे 4134 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री हुई। वहीं 1794 फ्लैटों की रजिस्ट्री बकाया जमा करने के बाद मिली मंजूरी के बाद भी बिल्डरों ने नहीं कराई हैं। नालों के गंदे पानी की सफाई को लगेंगे छोटे एसटीपी शहर के प्रमुख नालों का गंदा पानी साफ करने के लिए छोटे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नालों पर लगाने की मंजूरी प्राधिकरण बोर्ड ने दी। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) नेशनल एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) से तैयार कराई गई है। कुल 16 नालों पर एसटीपी लगाए जाने हैं। इनको तीन से चार चरण में लगाया जाएगा। कौन से एसटीपी लगाए जाएंगे और उनकी तकनीक क्या होगी इसके लिए टेंडर जारी कर प्राधिकरण एजेंसियों से आवेदन मांगेगा। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया कि जो प्रस्ताव कम लागत व आधुनिक तकनीक वाला होगा उसका चयन किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि कोंडली, शाहदरा नाले के गंदे पानी की सफाई को प्राधिकरण दिल्ली से बात करेगा। स्पोर्ट्स सिटी की दो परियोजनाओं में रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी शुरू प्राधिकरण बोर्ड ने पिछले दिनों स्पोर्ट्स सिटी की दो परियोजनाओं में आए कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह परियोजनाएं स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 में एच व आई प्लॉट सेक्टर-150 की हैं। इनमें दो हजार से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री होनी हैं। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश को बोर्ड में रखा गया था और मंजूरी मिल गई है। अधिभोग प्रमाणपत्र जारी कर रजिस्ट्री करवाई जाएंगी। अहम है कि सीएजी की ऑडिट आपत्तियों व सीबीआई, ईडी जांच से घिरी स्पोर्ट्स सिटी में प्राधिकरण ने अपने स्तर से फ्लैटों की रजिस्ट्री रोक दी थी। प्राधिकरण का पक्ष है कि बिल्डर प्रस्तावित खेल सुविधाएं विकसित करे और बकाया जमा करे फिर रजिस्ट्री को मंजूरी दी जाएगी।
नोएडा: रजिस्ट्री के लिए 51 बिल्डरों को फिर मौका
शनिवार को नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित बोर्ड रूम में चेयरमैन व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक जीरो पीरियड पॉलिसी दोबारा खुलने से 51 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों और बकायेदार बिल्डरों को राहत मिलेगी। पॉलिसी में 25 प्रतिशत बकाया जमा करने के बाद बाकी धनराशि की किस्तें नहीं जमा की जा रही थीं। जिसके बाद नवंबर 2025 में प्राधिकरण ने अंतिम नोटिस जारी कर डिफाल्टर घोषित कर दिया था। वहीं 11 बिल्डरों ने 25 प्रतिशत पूरी धनराशि नहीं जमा कर आंशिक धनराशि जमा की थी। इनको लाभ देने के मानक से बाहर कर दिया गया था। अब यह बिल्डर अपना बकाया जमा कर सकेंगे और छूट बरकरार रहेगी। इन परियोजनाओं में दस हजार से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री होनी हैं। पॉलिसी का शासनादेश आने के बाद 57 बिल्डरों पर 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा प्राधिकरण का बकाया दिसंबर 2023 में था। दो साल का जीरो पीरियड देने की गणना करवाकर प्राधिकरण ने 1,500 करोड़ रुपये की राहत दी थी। इनमें एनजीटी प्रभाव क्षेत्र में आने वाली 13 परियोजनाओं को 180 करोड़ रुपये राहत नोएडा प्राधिकरण ने 25 प्रतिशत बकाया मिलने के बाद दी। प्राधिकरण की तरफ से छोड़े गए कुल 1,680 करोड़ रुपये के सापेक्ष 36 बिल्डरों ने 872 करोड़ रुपये बकाया जमा कराया है। जिससे 4134 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री हुई। वहीं 1794 फ्लैटों की रजिस्ट्री बकाया जमा करने के बाद मिली मंजूरी के बाद भी बिल्डरों ने नहीं कराई हैं। नालों के गंदे पानी की सफाई को लगेंगे छोटे एसटीपी शहर के प्रमुख नालों का गंदा पानी साफ करने के लिए छोटे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) नालों पर लगाने की मंजूरी प्राधिकरण बोर्ड ने दी। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) नेशनल एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) से तैयार कराई गई है। कुल 16 नालों पर एसटीपी लगाए जाने हैं। इनको तीन से चार चरण में लगाया जाएगा। कौन से एसटीपी लगाए जाएंगे और उनकी तकनीक क्या होगी इसके लिए टेंडर जारी कर प्राधिकरण एजेंसियों से आवेदन मांगेगा। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया कि जो प्रस्ताव कम लागत व आधुनिक तकनीक वाला होगा उसका चयन किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी चयन के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि कोंडली, शाहदरा नाले के गंदे पानी की सफाई को प्राधिकरण दिल्ली से बात करेगा। स्पोर्ट्स सिटी की दो परियोजनाओं में रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी शुरू प्राधिकरण बोर्ड ने पिछले दिनों स्पोर्ट्स सिटी की दो परियोजनाओं में आए कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यह परियोजनाएं स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 में एच व आई प्लॉट सेक्टर-150 की हैं। इनमें दो हजार से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री होनी हैं। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश को बोर्ड में रखा गया था और मंजूरी मिल गई है। अधिभोग प्रमाणपत्र जारी कर रजिस्ट्री करवाई जाएंगी। अहम है कि सीएजी की ऑडिट आपत्तियों व सीबीआई, ईडी जांच से घिरी स्पोर्ट्स सिटी में प्राधिकरण ने अपने स्तर से फ्लैटों की रजिस्ट्री रोक दी थी। प्राधिकरण का पक्ष है कि बिल्डर प्रस्तावित खेल सुविधाएं विकसित करे और बकाया जमा करे फिर रजिस्ट्री को मंजूरी दी जाएगी।

