Report By- Sayed Tariq Ahmad Bahraich (UP)
यूपी के बहराइच मे मौसम मे अनुकूलता की वजह से आलू की फसल मे पिछेता झुलसा बिमारी का पूर्वानुमान की संभावना जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बताई गई है किसानों को इस बिमारी से फसलों को बचाने के लिए सलाह देते हुए जिला उद्यान अधिकारी बहराइच ने बताया कि केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम मेरठ द्वारा विकसित इन्डो-ब्लाइटकास्ट (पैन इंडिया मॉडल) में पिछेता-झुलसा बीमारी का पूर्वानुमान लगाया गया है।

जिला उद्यान अधिकारी द्वारा किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि साईमोक्सेनिल$मैन्कोजेब का 3.0 कि.ग्रा. प्रति हे. (1000 ली. पानी) की दर से अथवा फेनोमिडोन$मैन्कोजेब का 3.0 कि.ग्रा. प्रति हे. (1000 ली. पानी) की दर से अथवा डाईमेथोमार्फ 1.0 कि.ग्रा.$मैन्कोजेब का 2.0 कि.ग्रा. (कुल मिश्रण 3.0 कि.ग्रा.) प्रति हे. (1000 ली. पानी) की दर से छिड़काव करें। कृषकों द्वारा फफूंदनाशक को दस दिन के अन्तराल पर घटाया या बढ़ाया जा सकता है। किसानों को यह भी सुझाव दिया गया है कि एक ही फफूंदनाशक का बार-बार छिड़काव न करें एवं बारिश के दौरान फफूंदनाशक के साथ स्टीकर को 0.1 प्रतिशत की दर (1.0 मि.ली. प्रति ली. पानी) के साथ मिलाकर प्रयोग करें।