Report By : Himanshu Garg (Ghaziabad UP)
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट का एक पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल पत्र पुलिस कमिश्नर के नाम पर लिखा गया है, जिसमें थाना लोनी बॉर्डर पर ‘जाट लैंड’ हावी होने का दावा किया जा रहा है। पत्र में इससे मुक्ति दिलाने की मांग की गई है। हैरानी की बात ये है कि पत्र लिखने वालों ने खुद को इसी थाने का ‘प्रताड़ित’ पुलिसकर्मी बताया है। लेकिन पत्र में किसी का नाम नहीं लिखा है। फिलहाल इस पत्र पर गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।
पत्र में लिखा है ये…
थाना लोनी बॉर्डर ‘जाट लैंड’ बन चुका है। एक विशेष जाति के लोग ही हर पद पर बैठकर मनमर्जी चला रहे हैं। एक कांस्टेबल बीते 2 साल से ठेकेदारी कर रहा है। वो न थाने पर ड्यूटी करता और न ही बाहर। इसका काम सिर्फ पूरे दिन लोगों से पैसा इकट्ठा करना है। लोनी बॉर्डर क्षेत्र में बंद फाटक पर गांजा बेचने वाले, ऑटो स्टैंड, तार जलाकर एल्यूमीनियम निकालने वाले और रेत के ट्रैक्टर वाले गैंगों से भी इस कांस्टेबल के द्वारा पैसा वसूलने की बात पत्र में लिखी है।

पत्र में आगे ये भी बताया गया है कि थाने के कार्यालय में 7 पुलिसकर्मियों का स्टाफ है, जिसमें 4 जाट बिरादरी से हैं। आरोप है कि ये लोग अपनी बिरादरी के पुलिसकर्मियों को हर तरह का संरक्षण देते हैं, जबकि दूसरी बिरादरी के पुलिसकर्मियों को परेशान करते हैं। पत्र के अनुसार, इन सभी ने थाना परिसर में एक कमरा घेरा हुआ है, जिसमें सभी अवैध कार्य होते हैं। हर रोज उस कमरे में शराब पी जाती है। जनता के लोगों से वहां पर नॉनवेज मंगवाते हैं। पत्र में पुलिस कमिश्नर से मांग की गई है कि इस ‘जाट लैंड’ का वर्चस्व तोड़ें, ताकि सभी बिरादरी के पुलिसकर्मी समान रूप से बेहतर काम कर सकें।
बताते चले कि इस पत्र को लेकर अभी तक गाजियाबाद पुलिस के अफसरों की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है।

