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आसाराम को Rajasthan High Court का करारा झटका, अंतरिम जमानत बढ़ाने से साफ इंकार, जोधपुर जेल में सरेंडर का आदेश

आसाराम को Rajasthan High Court का करारा झटकाआसाराम को Rajasthan High Court का करारा झटका

Rajasthan High Court ने बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कथित धर्मगुरु आसाराम को तगड़ा झटका दिया है। जनवरी 2025 से जेल से बाहर चल रहे आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस फैसले ने आसाराम के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल की राह फिर से खोल दी है, जहां उन्हें 30 अगस्त की सुबह 10 बजे तक सरेंडर करना होगा।

मेडिकल रिपोर्ट बनी मुसीबत

जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने पहले 29 अगस्त तक उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाई थी और अहमदाबाद सिविल अस्पताल में तीन वरिष्ठ चिकित्सकों—दो हृदय रोग विशेषज्ञों और एक न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ—का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। बोर्ड को आसाराम की स्वास्थ्य जांच कर रिपोर्ट ईमेल के जरिए रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को भेजने को कहा गया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन किया, जिसमें आसाराम की सेहत को गंभीर नहीं बताया गया। इस आधार पर कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया।

वकीलों की दलीलें और सरकार का जवाब
आसाराम के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि गुजरात हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत 3 सितंबर तक बढ़ाई है, इसलिए राजस्थान हाईकोर्ट को भी इसे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आसाराम की कथित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया। दूसरी ओर, अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दावा किया कि आसाराम की सेहत स्थिर है और जमानत बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं। कोर्ट ने सरकारी पक्ष की दलील को वजन देते हुए आसाराम की याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट की राहत, लेकिन सख्ती बरकरार

हाईकोर्ट ने जमानत बढ़ाने से इंकार करते हुए आसाराम को कुछ राहत जरूर दी। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या होने पर वे तत्काल चिकित्सा सुविधा ले सकते हैं और नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, कोर्ट ने जेल में आसाराम को व्हीलचेयर और एक सहायक की सुविधा देने का निर्देश दिया। यदि जरूरत पड़ी, तो AIIMS जोधपुर में उनके मेडिकल टेस्ट कराए जा सकते हैं।

क्या है आसाराम का मामला?

आसाराम को 2018 में जोधपुर की एक अदालत ने 2013 में अपनी नाबालिग शिष्या के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, गुजरात के सूरत में 2001 से 2006 के बीच एक महिला शिष्या के साथ बार-बार यौन शोषण के मामले में भी उन्हें जनवरी 2023 में आजीवन कारावास की सजा मिली। दोनों मामलों में उनकी बार-बार स्वास्थ्य आधार पर जमानत की अर्जियां दी जाती रही हैं, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट का ताजा फैसला उनके लिए बड़ा झटका साबित हुआ है।

आगे क्या?

राजस्थान हाईकोर्ट के इस फैसले ने आसाराम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, गुजरात हाईकोर्ट से 3 सितंबर तक मिली जमानत के कारण उनकी रिहाई अभी बरकरार है, लेकिन राजस्थान के मामले में जेल वापसी तय है। यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से भी चर्चा में रहा है। कोर्ट का यह सख्त रुख गंभीर अपराधों के प्रति न्यायिक प्रणाली की गंभीरता को दर्शाता है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)