नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से शिक्षा को और प्रभावी बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने एआई-मध्यस्थ कक्षा परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल युग के लिए तैयार करना और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है।
एससीईआरटी द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, यह प्रशिक्षण शिक्षकों को एआई उपकरणों का उपयोग कर कक्षाओं को व्यक्तिगत और नवीन बनाने, मूल्यांकन को अधिक सार्थक करने और शिक्षण में अभिनव दृष्टिकोण अपनाने में सक्षम बनाएगा। यह परियोजना दो चरणों में लागू होगी। पहले चरण में, 50 सरकारी स्कूलों के 100 कंप्यूटर विज्ञान शिक्षकों को दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये शिक्षक अपने स्कूलों में संसाधन व्यक्ति (आरपी) के रूप में कार्य करेंगे
दूसरे चरण में, कक्षा छठी और नौवीं के गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को स्कूल-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल से इन विषयों के 15 शिक्षकों को नामित किया जाएगा। एससीईआरटी ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार कक्षाओं को बढ़ावा देना और एआई-आधारित शैक्षणिक प्रथाओं के माध्यम से कक्षा में सहभागिता और सीखने के परिणामों को बेहतर करना है। शिक्षा निदेशालय ने परियोजना के लिए 50 सरकारी स्कूलों और 100 शिक्षकों का चयन किया है