लाल किला ब्लास्ट की जांच तेजी पकड़ते हुए दिल्ली पुलिस ने अब राजधानी के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और यूएई जैसे देशों से MBBS की डिग्री लेकर दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे सभी डॉक्टरों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। यह कार्रवाई जांच के दायरे को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से की गई है।
जांच में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी कई महत्वपूर्ण खुलासे कर रही है। NIA ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के करीब 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं, क्योंकि आत्मघाती हमलावर उमर नबी (उर्फ डॉ. उमर मोहम्मद) और यूनिवर्सिटी के स्टाफ के बीच संबंधों पर एजेंसी कड़ी नजर रखे हुए है।
साथी डॉक्टरों ने बताया कि उमर का स्वभाव बेहद कठोर था और वह अपने कमरे में सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही आने देता था।
शोएब की 10 दिन की रिमांड मंजूर, एक और आरोपी की कस्टडी बढ़ी
फरीदाबाद से गिरफ्तार किए गए शोएब को 26 नवंबर को पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां NIA ने उसकी 10 दिन की रिमांड हासिल की। इसके अलावा, आरोपी आमिर राशिद अली की कस्टडी भी 7 दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
शोएब ने हमलावर को ठिकाना और मदद दी थी
NIA के अनुसार शोएब ने आत्मघाती हमलावर उमर मोहम्मद को धमाके से ठीक पहले अपने यहां छिपने की जगह दी और विस्फोट की योजना को पूरा करने के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक सपोर्ट भी उपलब्ध कराया।
ब्लास्ट में पहले ही 6 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं
10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम ब्लास्ट में कई लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। शोएब इस मामले में गिरफ्तार सातवां आरोपी है। इससे पहले NIA उमर के छह करीबी साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी अब कई राज्यों में छापेमारी कर सभी संभावित लिंक, सबूत और आतंक नेटवर्क के सदस्यों की तलाश कर रही है।