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ग्रेटर नोएडा: संदिग्ध मतदाताओं की पहचान के लिए जिले में 500 स्थानों पर लगाए गए हैं विशेष शिविर

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान अपने अंतिम चरण में है। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अब उन मतदाताओं की खोजबीन में जुटे हैं जो पिछले एक माह से अपने घरों पर नहीं मिल रहे। इन गुमशुदा मतदाताओं का बड़े पैमाने पर सत्यापन कर रहा है।
जिले में अभी बड़ी संख्या में मतदाता अब तक घरों पर अनुपस्थित या ट्रेस नहीं हो सके हैं। इन संदिग्ध मतदाताओं की पहचान के लिए जिले में 500 स्थानों पर विशेष शिविर लगाए गए हैं। इसमें 50 श्रमिक एरिया, 50 औद्योगिक सेक्टर, 35 शिक्षा व चिकित्सा संस्थान, 16 मीडिया हाउस में लगाए गए थे। इन कैंपों में फॉर्म-6 सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा कराने और सत्यापन कराने की सुविधा दी गई थी। मंगलवार को कई स्थानों पर मतदाता सूची का मिलान किया गया। बीएलओ ने घर-घर जाकर उन प्रविष्टियों की जांच की जिन पर संदेह है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट भी इस सत्यापन में शामिल हों, ताकि गलत प्रविष्टियां चिन्हित की जा सकें। बीटा-1 स्थित सामुदायिक केंद्र में आयोजित शिविर के दौरान मंगलवार को भी मतदाता अपने फार्म के साथ पहुंचे। यहां तैनात बीएलओ रजनी ने लोगों को फार्म भरने के संबंध में जानकारी दी। कई लोग पता अपडेट कराने, नाम कट जाने की शिकायत लेकर आए, जबकि कुछ लोगों ने अपने पते पर फर्जी व संदिग्ध मतदाताओं के मामलों की जानकारी की। सभी की समस्या का समाधान किया गया। बीएलओ ने बताया कि कई लोगों का घर बदल चुका है। जिसकी वजह से उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। फॉर्म-6 भी बड़ी संख्या में जमा हो रहे हैं, जो फरवरी में प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची में शामिल होंगे। 11 दिसंबर तक सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई सही मतदाता छूट न जाए। वहीं, आरडब्ल्यूए महासचिव हरेंद्र भाटी ने बीएलओ टीम ने सभी शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर जांच का आश्वासन दिया। मृत मतदाताओं का नाम हटाने और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को हटाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। वहीं निवासी डॉ प्रदीप शैलत ने बताया कि आरडब्ल्यूए और बीएलए के सहयोग से फार्म भरा है। पहल से मतदाता सूची में पारदर्शिता आएगी। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर पूरा होने के बाद संशोधित सूची 16 दिसंबर को जारी होगी। एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) कैटेगरी में आने वालों के नाम हटाए जाएंगे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )