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Month: February 2026

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  • Ryan International School Noida में मोंटेसरी दीक्षांत समारोह व वार्षिक उत्सव 2026 का भव्य आयोजन

गौतम बुद्ध नगर:भारतीय किसान यूनियन (भानु) के प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी से की सौजन्य भेंट

नोएडा: भारतीय किसान यूनियन (भानु) के एक प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के नव नियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश से…

नोएडा में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, 18 सेक्टरों और प्रमुख मार्गों से अवैध कब्जे साफ

नोएडा को जाममुक्त बनाने और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण ने गुरुवार को बड़े स्तर…

नोएडा: स्वास्थ्य विभाग ने टीबी और कैंसर की पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान शुरू किया 

स्वास्थ्य विभाग ने टीबी और कैंसर की पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। जिले भर में…

ग्रेटर नोएडा: 30 मिनट तक भी देर हुई तो परीक्षा केंद्र में मिल सकेगा प्रवेश

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के दौरान देर से पहुंचने वाले छात्रों को केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा…

नोएडा: क्रू शिप (जहाज में चालक दल) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का खुलासा

क्रू शिप (जहाज में चालक दल) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का खुलासा हुआ…

नोएडा: रोजाना करीब सौ से अधिक लोग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं लेकिन रोजाना सिर्फ 6 स्लॉट ही निर्धारित

लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जिले से रोजाना करीब सौ…

यमुना सिटी के सेक्टर-28 में एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त उपक्रम स्थापित होगानंबर

उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला 21 फरवरी को यमुना सिटी के सेक्टर-28 में रखी जाएगी। समारोह में…

ग्रेटर नोएडा: ऑल इंडिया पुलिस टी-20 लीग के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होंगे

मार्च में गौतमबुद्ध नगर के क्रिकेट प्रेमियों को चौके-छक्कों की बौछार देखने को मिलेगा। ऑल इंडिया पुलिस टी-20 लीग के…

सीबीएसई: 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OMS) प्रणाली लागू करने का निर्णय

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OMS) प्रणाली…

उतरखण्ड: बेरोजगारी समेत कई मुद्दों पर 16 फरवरी को राजभवन कूच करेगी कांग्रेस

उत्तराखंड में कांग्रेस ने कानून व्यवस्था को लेकर अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस महिला अपराध, बेरोजगारी…

गुरुग्राम: सदर बाजार में होंगे सड़क, सीवर और फुटपाथ बनाने के कार्य

वार्ड-27 के सदर बाजार क्षेत्र में मेयर राजरानी मल्होत्रा और विधायक मुकेश शर्मा की ओर से विभिन्न विकास कार्यों का…

गुरुग्राम: सीवर शोधन संयंत्र के लिए जीआईएस आधारित बन रहा 33 केवी सबस्टेशन, 31.63 करोड़ रुपये होंगे खर्च

धनवापुर सीवर शोधन संयंत्र के लिए 33 केवी का जीआईएस (गैस इन्सुलेटेड सब स्टेशन) आधारित सब स्टेशन अप्रैल तक बनकर…

दिल्ली-नोएडा-गुरुग्राम में Air Taxi, मिनटों में पहुंचेंगे ऑफिस और अस्पताल, ये है तैयारी

दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को अक्सर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है. अब CII ने एयर टैक्सी कॉरिडोर…

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{“title_results”:[“‘मेरे सवालों पर कथा साहित्य का प्रभाव पड़ा’: कार्लो गिंज़बर्ग (1939-2026), माइक्रोहिस्ट्री के प्रणेता”],”content_results”:[“कार्लो गिंज़बर्ग: माइक्रोहिस्टोरी के क्षेत्र के प्रणेता का निधनइतालवी इतिहासकार कार्लो गिंज़बर्ग, जिन्हें माइक्रोहिस्टोरी के संस्थापकों में से एक माना जाता है, का 17 जून 2026 को निधन हो गया। उनकी उम्र 87 वर्ष थी। गिंज़बर्ग ने इतालवी पुनर्जागरण से लेकर प्रारंभिक आधुनिक यूरोपीय इतिहास तक विभिन्न विषयों में अपना योगदान दिया। उनकी गहन शोध प्रणाली और दृष्टिकोण ने इतिहास लेखन में क्रांतिकारी बदलाव लाए।गिंज़बर्ग की प्रमुख रचनाओं में The Cheese and the Worms: The Cosmos of a Sixteenth Century Miller, The Night Battles, तथा Ecstasies: Deciphering the Witches’ Sabbath शामिल हैं। इन कार्यों ने न केवल इतिहास को नये आयाम दिए, बल्कि कला इतिहास, साहित्य अध्ययन और इतिहासलेखन के सिद्धांतों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।उन्होंने 2010 में बाल्ज़न पुरस्कार प्राप्त किया और 2013 में अमेरिकी फिलॉसफिकल सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय सदस्य के रूप में चुने गए।2019 में कोलकाता में भारतीय प्रकाशक नवीन किशोर के साथ बातचीत के दौरान, गिंज़बर्ग ने अपनी पेशेवर यात्रा, यहूदी धर्म के प्रति अपने “बनने” की प्रक्रिया, विराम चिह्नों के प्रति जुनून और अपनी रचनात्मक सोच पर कथा साहित्य के गहरे प्रभाव के बारे में चर्चा की।उन्होंने कहा, “ऐसे संवाद आमतौर पर बीच में शुरू होते हैं, जिसमें पहले की बातचीत का अनुभव और आगे की चर्चा की उम्मीद जुड़ी होती है। इसलिए मैं सीधे अपने विषय में उतर जाता हूँ।” उनके अनुसार, “एक ऐसे जीवंत परिदृश्य में प्रवेश करना जो पहले किसी ने नहीं देखा, अत्यंत रोमांचकारी होता है। सबसे पहले अपनी जड़ों की खोज करना, फिर इतिहास के जीवन के संकेतों को समझना, और अंततः इतिहासकार बनना एक गहन अनुभव है।”कार्लो गिंज़बर्ग ने माइक्रोहिस्टोरी को एक नई दिशा दी और इतिहास को अधिक मानवीय, सूक्ष्म एवं व्यावहारिक संदर्भों में समझने की विधि पेश की। उनके विचार और शोध आज भी इतिहासकारों एवं विद्वानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”]}