पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिले में नशीले पदार्थों की बढ़ती बिक्री को रोकने के लिए नंद नगरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में जिला विकास समिति की अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता विधायक व समिति के चेयरमैन जितेंद्र महाजन और जिलाधिकारी एस.एस. परिहार ने की। इस बैठक में दिल्ली पुलिस सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, साथ ही क्षेत्र के आम नागरिकों ने भी भाग लिया।
लोगों ने खुलकर बताया कि नंद नगरी, ज्योति नगर, सीमापुरी, विवेक विहार और वेलकम थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं। आरोप लगाया गया कि स्थानीय बीट अफसरों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि पुलिस सबूत मांगती है और सबूत देने पर वही जानकारी नशा बेचने वालों तक पहुंचा दी जाती है, जिसके बाद उन्हें धमकियां मिलती हैं।
कुछ निवासियों ने दावा किया कि नंद नगरी के एक पार्क में लाइन लगाकर स्मैक बेची जा रही थी। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने मजबूरन चार कर्मियों को लाइन हाज़िर किया। सुंदर नगरी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर नशे की बिक्री होने की शिकायतें सामने आईं। लोगों का सवाल था कि जब स्थानीय निवासी इन अड्डों के बारे में जानते हैं, तो पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं होती? अगर नहीं होती, तो इसका मतलब पुलिस का नेटवर्क कमजोर है या कार्रवाई की इच्छाशक्ति नहीं है।
नगर निगम के डिप्टी चेयरमैन मुकेश बंसल ने बैठक में बताया कि कई जगह अवैध हुक्का बार चल रहे हैं, जहां नाबालिग तक नशे के संपर्क में आ रहे हैं।
जिलाधिकारी एस.एस. परिहार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पुलिस के बीट अफसर अपने कार्य में सुधार लाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि जिले को हर हाल में नशामुक्त बनाना प्राथमिकता है। चेयरमैन जितेंद्र महाजन ने बताया कि एसडीएम अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके आधार पर पुलिस से सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी।