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15 द‍िन में प्रि‍ंट होकर घर पहुंचेगा ड्राइवि‍ंग लाइसेंस

ByAnkshree

Dec 5, 2025
जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया अब नई कंपनी सिल्वर टच ने पूरी जिम्मेदारी संभाल ली है। कंपनी ने अपने छह कर्मचारियों की तैनाती कर दी है, जो काउंटर पर कागजी कार्रवाई, दस्तावेज सत्यापन, स्कूटनी, बायोमैट्रिक सत्यापन और प्रिंटिंग का काम संभालने लगे हैं। संभागीय परिवहन विभाग के पास केवल टेस्ट की जिम्मेदारी है लेकिन, लाइसेंस बनने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी विभाग ही करेगा।

इससे पहले यह काम स्मार्ट चिक कंपनी के पास था, लेकिन पांच साल की निविदा प्रक्रिया के तहत यह जिम्मेदारी अब सिल्वर टच को मिली है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से आवेदकों की लंबी लाइनें कम होंगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी। सिल्वर टच न केवल मैनपावर उपलब्ध करा रही है बल्कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में भी सहयोग करने लगी है।

आवेदक जब कार्यालय आएंगे, तो उनका दस्तावेज सत्यापन और बायोमैट्रिक जांच इसी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा, लाइसेंस स्वीकृत होने के बाद प्रिंटिंग का काम भी कंपनी करेगी। आवेदकों को दावा किया जा रहा है कि 15 दिन के भीतर प्रिंटेड लाइसेंस मिल जाएगा।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 50 से 60 नए लाइसेंस बनते हैं, जबकि 20 नवीनीकरण के लिए कार्यालय में आते हैं। नई व्यवस्था में टेस्टिंग पूरी तरह से टोमैटिक होगी, लेकिन विभागीय नियंत्रण बना रहेगा। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिनों में आवेदकों को नया प्रिंटेड लाइसेंस मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से न केवल प्रक्रिया तेज होगी बल्कि लाइसेंस बनाने में आने वाली शिकायतें भी कम होंगी।

अधिकारियों का कहना है कि इससे विभागीय निगरानी और पारदर्शिता में सुधार आएगा। अब आवेदकों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी और सभी कार्य व्यवस्थित तरीके से पूरे होंगे। एआरटीओ हरिओम ने बताया कि सिल्वर टच की तकनीकी और प्रबंधन क्षमता पर निगाह बनी हुई हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )