एम्स प्रशासन ने रोगियों की सहूलियत के लिए बहुत बड़ी योजना शुरू कर दी है। आमतौर पर रोगियों की कराई जाने वाली खून व यूरिन की जांच अब मुफ्त हो गई है। इसमें दो सौ रुपये तक में होने वाली मधुमेह, किडनी, लिवर, यूरिक एसिड आदि जांच शामिल हैं।
दो सौ रुपये से ज्यादा दर की खून व पेशाब की जांच का भी रेट कम होगा। इसकी सूची बनाई जा रही है। 10 दिसंबर से एम्स के पैथोलाजिस्ट सभी तरह की खून व पेशाब की जांच शुरू कर देंगे। इसके बाद निजी कंपनी हिंद लैब जांच का काम बंद कर डायग्नोस्टिक सेवाएं देगी।
एम्स प्रशासन ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि दिसंबर से खून व यूरिन की सभी जांच एम्स के पैथोलाजिस्ट करेंगे। एम्स की स्थापना से लगायत अब तक यह जांच निजी कंपनी हिंद लैब कर रही है। हिंद लैब ने अपनी मशीन लगाने के साथ ही कर्मचारियों को भी तैनात किया है। कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डा. विभा दत्ता ने योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए मशीन व रीजेंट्स की व्यवस्था कराई।
इसके बाद बायोकेमिस्ट्री से जुड़ी 109 तरह की जांच एम्स की लैब में शुरू करा दी। अब बची जांच नौ दिसंबर तक ही हिंद लैब में होगी। एम्स में ही जांच शुरू होने का लाभ न सिर्फ रोगियों वरन पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्रों व डाक्टरों को होगा। मेडिकल छात्र खून की जांच से जुड़ी जानकारी आसानी से हासिल कर सकेंगे। इसका लाभ रोगियों को मिलेगा।