यूपी रेरा ने खरीदार के बाद उत्तराधिकारी के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप (प्रतिज्ञा पत्र) जारी किया है। अब अगर किसी खरीदार की मौत हो जाती है तो धनराशि लेने के लिए उत्तराधिकारी को इसी प्रारूप पर आवेदन करना होगा। यूपी रेरा के अफसरों ने दावा किया है कि अब उत्तराधिकारी को धनराशि मिलने में देरी नहीं होगी।
यूपी रेरा में 58 हजार से अधिक खरीदारों की शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें से 85 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण करने का दावा किया है लेकिन बिल्डर आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे मे यूपी रेरा बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर रहा हैं। पांच हजार से अधिक आरसी पर अभी वसूली बाकी है।
वसूली होने के बाद धनराशि खरीदार के बैंक अकाउंट में भेज दी जाती है। इस प्रक्रिया के बीच काफी खरीदारों की मौत भी हो चुकी है। पैसा उनके किसी उत्तराधिकारी को दिया जाता है लेकिन आवेदन प्रारूप ठीक नहीं होने के कारण और जरूरी जानकारी नहीं मिलने से पैसा समय से जारी करने में दिक्कतें हो रही है। इसका समाधान कर यूपी रेरा ने आवेदन का प्रारूप जारी किया है।
ये है आवेदन की प्रक्रिया
अफसरों ने बताया कि इसका नाम प्रतिज्ञा पत्र रखा है। 500 रुपये के स्टांप पत्र पर आवेदन पत्र देना होगा। इसमें खरीदार के उत्तराधिकारी का नाम देना होगा। उसके बाद कुल धनराशि और अन्य जानकारी देनी होगी। आदेश और आरसी जारी करने की तारीख बतानी होगी। उत्तराधिकार से जुड़ा किसी तरह का केस लंबित और मृतक खरीदार की पत्नी, बेटे और बेटियों का विवरण देना होगा। अगर भविष्य में कोई अन्य उत्तराधिकारी दावा करता है तो यूपी रेरा जिम्मेदार नहीं होगा। पैसा लेने वाले उत्तराधिकारी उसके लिए जिम्मेदार होंगे

