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दिल्ली: सुविधाओं से लैस 120 बिस्तरों वाली बैरक, आठ महीने में तैयार

ByAnkshree

Dec 9, 2025
दिल्ली के दयाबस्ती में 33.91 करोड़ की लागत से सिर्फ आठ महीने में सुविधाओं से लैस नया बैरकतैयार होगा। पुरानी जर्जर बैरकों से निजात मिलेगी। आधुनिक तकनीक, मजबूत सामग्री और बेहतर रोशनी-शौचालय की सुविधा से जवानों का रहन-सहन आरामदायक होगा। 

रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (आरपीएसएफ) के जवानों की आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 6वीं बटालियन दयाबस्ती परिसर में 120 बिस्तरों से युक्त अत्याधुनिक बैरक के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। यह परियोजना जवानों के रहन-सहन की स्थिति को बेहतर बनाएगी।

परियोजना को पूरा करने के लिए अनुमानित राशि करीब 33.91 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है और इसे पूरा करने के लिए आठ माह का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना प्राथमिकता में है। चयनित निर्माण एजेंसियों को निर्देश जारी किए जाएंगे कि कार्य में सभी गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाए। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों को समय-समय पर समीक्षा बैठकों में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

बता दें कि लंबे समय से आरपीएसएफ कंपनियों के लिए नए बैरक बनाने की मांग की जा रही थी। कई बैरक दशकों पुराने हो चुके हैं। उनके अंदर मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। इनमें न तो उचित रोशनी की व्यवस्था है और न ही स्वच्छ शौचालय और स्नानघर। इसके चलते उत्तर रेलवे ने नए बैरक बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए निविदा भी आमंत्रित की गई है।

विभिन्न केंद्रों पर भी विकसित होंगे आधुनिक बैरक
आने वाले समय में आरपीएसएफ और आरपीएफ के अन्य केंद्रों पर भी इसी प्रकार के आधुनिक बैरक विकसित किए जा सकते हैं। आरपीएसएफ जवानों की संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती और लंबी ड्यूटी के चलते बेहतर आवास सुविधाएं काफी अहम मानी जाती हैं। वर्तमान में कई स्थानों पर उपलब्ध बैरकों की क्षमता भी सीमित है। इससे जवानों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार को विशेष परिस्थितियों में जवानों को सरकारी भवनों में ठहराया जाता है।

आधुनिक तकनीक और मजबूत निर्माण सामग्री का उपयोग
नई बैरक के निर्माण में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इसमें स्टील पाइप के साथ फिक्स्ड स्कैफोल्डिंग, वॉल्यूमेट्रिक शटरिंग, उच्च गुणवत्ता वाली सैनिटरी फिटिंग्स, समुचित वॉटरप्रूफिंग समेत कई ऐसी सुविधाएं शामिल होंगी जो भवन की मजबूती, स्थायित्व और उपयोगिता बढ़ाएंगी।वॉल्यूमेट्रिक शटरिंग जैसी तकनीक निर्माण को तेज, सुरक्षित और अधिक टिकाऊ बनाती हैं। वहीं फिक्स्ड स्कैफोल्डिंग से निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों और इंजीनियरों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यह तकनीक भवन निर्माण में स्थायित्व सुनिश्चित करने में भी सहायक मानी जाती है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )