महाराष्ट्र के ठाणे में एक निर्माण कंपनी के पर्यवेक्षक ने 2.23 लाख रुपये का गबन छिपाने के लिए डकैती की फर्जी कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई। मामले में शिकायतकर्ता को ही गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
पुलिस के मुताबिक, निर्माण पर्यवेक्षक सुशांत दशरथ मोहिते ने 8 दिसंबर को काशीगांव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने दावा किया था कि चेनागांव सिग्नल के पास खाकी वर्दी पहने दो लोगों ने उसे रोका, वाहन के दस्तावेजों की जांच के बहाने स्कूटर की डिक्की से जबरन 2.23 लाख रुपये निकाल लिए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, पूछताछ और घटनाक्रम की जांच के दौरान मोहिते की कहानी में कई विरोधाभास पाए गए। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की गई, जिससे स्पष्ट हो गया कि किसी तरह की डकैती हुई ही नहीं थी।
जांच में खुलासा हुआ कि मोहिते ने कंपनी से मिले 2.23 लाख रुपये खुद गबन किए थे। इस रकम को छिपाने और कंपनी को गुमराह करने के लिए उसने अपने दोस्त भदरगे के साथ मिलकर झूठी डकैती की साजिश रची थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और गबन की गई पूरी रकम बरामद कर ली गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।