गाजियाबाद में भी एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, वसुंधरा में 490 एक्यूआई दर्ज किया गया है। संजय नगर में 424 और इंदिरापुरम में एक्यूआई 477 दर्ज किया। नोएडा का एक्यूआई भी 400 से ज्यादा
नोएडा में भी कई इलाकों में 400 से ज्यादा एक्यूआई पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सेक्टर 125 में 461, सेक्टर 62 इलाके में 420, सेक्टर 116 इलाके में 486 एक्यूआई दर्ज किया गया है। गुरुग्राम में इतना दर्ज किया गया एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी में 462, सेक्टर 51 इलाके में 324 में एक्यूआई दर्ज किया गया है। टेरी ग्राम में 315, विकास सदन में 310 एक्यूआई दर्ज किया गया है। फरीदाबाद का एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, फरीदाबाद के सेक्टर 30 में एक्यूआई 111, न्यू इंडस्ट्रियल टाउन में 184 और सेक्टर 11 में 342 दर्ज किया गया। राहत के नहीं आसार
दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से प्रदूषण के कण ज्यादा देर तक वायुमंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है। क्यों बिगड़ती जा रही दिल्ली की हवा?
विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है, खासकर पश्चिमी विक्षोभ जिसके चलते शुक्रवार से हवा की गति बहुत कम है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, हवा की इस कम गति के कारण प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि हुई है। ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं। प्रदूषकों को ऊपर जाने का रास्ता नहीं मिलता, इसलिए वे जमीन के बहुत करीब फंसे रहते हैं।

