आईसीसीसी को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि शहर से जुड़ी सभी जानकारियां एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई दें। इसके तहत अलग-अलग विभागों के सिस्टम जैसे ट्रैफिक कैमरे, बसों के जीपीएस डिवाइस, प्रदूषण मापने वाले सेंसर और फील्ड में लगे सीसीटीवी को एक नेटवर्क के जरिए जोड़ा जाएगा। यह डाटा कंट्रोल सेंटर में बड़े डिजिटल डैशबोर्ड पर रीयल टाइम में अपडेट होता रहेगा। जब किसी इलाके में असामान्य स्थिति बनती है, जैसे अचानक ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटना या प्रदूषण स्तर में वृद्धि तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जनरेट करेगा। इसके बाद कंट्रोल सेंटर में मौजूद अधिकारी संबंधित विभाग जैसे ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग या प्रदूषण नियंत्रण एजेंसी को तुरंत निर्देश भेज सकेंगे। इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम और तकनीक आधारित निर्णय ज्यादा होंगे।
दिल्ली: ट्रैफिक व बसों पर कंट्रोल सेंटर से रीयल टाइम निगरानी
आईसीसीसी को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि शहर से जुड़ी सभी जानकारियां एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई दें। इसके तहत अलग-अलग विभागों के सिस्टम जैसे ट्रैफिक कैमरे, बसों के जीपीएस डिवाइस, प्रदूषण मापने वाले सेंसर और फील्ड में लगे सीसीटीवी को एक नेटवर्क के जरिए जोड़ा जाएगा। यह डाटा कंट्रोल सेंटर में बड़े डिजिटल डैशबोर्ड पर रीयल टाइम में अपडेट होता रहेगा। जब किसी इलाके में असामान्य स्थिति बनती है, जैसे अचानक ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटना या प्रदूषण स्तर में वृद्धि तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जनरेट करेगा। इसके बाद कंट्रोल सेंटर में मौजूद अधिकारी संबंधित विभाग जैसे ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग या प्रदूषण नियंत्रण एजेंसी को तुरंत निर्देश भेज सकेंगे। इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम और तकनीक आधारित निर्णय ज्यादा होंगे।

