दिल्ली से गुरुग्राम आने वाले लोगों को रोज जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इनमें एनएच-48, एमजी रोड और कापसहेड़ा रोड शामिल हैं। वर्तमान में एनएच 48, द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे का उपयोग आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है। एनएच 48 पर पहले से ही वाहनों का ज्यादा भार है। जीएसपीआर के लिए गुरुग्राम सोहना हाईवे पर क्लोवरलीफ इंटरचेंज का निर्माण होगा। इससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच में भी सुधार होगा और यात्रा का समय कम होगा। हालांकि, गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने साल 2020 में व्यापक गतिशीलता प्रबंधन योजना (सीएमएमपी) जारी की थी। इस योजना का मकसद गुरुग्राम-मानेसर शहरी क्षेत्र में पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और ट्रैफिक प्रबंधन करना है। इसमें ग्रेटर एसपीआर का प्रावधान है। मंत्री के निर्देश पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बढ़ते यातायात दबाव को दूर करने के लिए ग्रेटर एसपीआर के निर्माण को लेकर कदम उठाने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए। ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के बाद नए गुरुग्राम के सेक्टरों का जुड़ाव सीधा दिल्ली जयपुर नेशनल हाईवे से हो जाएगा। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए जल्द ही एनएचएआई और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होने वाली हैं। इसके लिए काफी जमीन की जरूरत होगी। इस पर करीब 1200 करोड़ खर्च आने का अनुमान है।
हाईवे पर वाहनों का भारी दबाव
एक सर्वे में पाया गया था कि 24 घंटे के दौरान एनएच 48 के महिपालपुर फ्लाईओवर से 3,89,275 पीसीयू गुजरते हैं। इसमें चार पहिया वाहनों की कुल दैनिक यातायात में लगभग 55.6 फीसदी हिस्सेदारी है। दो-पहिया वाहनों की 28 फीसदी है। हैवी वाहनों का शेयर का लगभग 5.6 फीसदी है।
खराब सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से लोग परेशान
शहर में खराब सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से वाहन चालक परेशान हैं। लोगों को रोज जाम से जूझना पड़ रहा है। जीएमडीए की जाम को दूर करने वाली योजनाएं देरी से चल रही हैं। पहले मंजूर हुई फ्लाई ओवर व सड़क संबंधी योजनाएं अभी फाइलों में हैं। ऐसे में लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पा रहा है। ओल्ड दिल्ली रोड, एसपीआर, नवरंगपुर रोड, सेक्टर 37 रोड, बसई रोड, पटौदी रोड समेत कई प्रमुख सड़कें शामिल हैं।

