गुरुग्राम। देर से ही सही बिजली निगम ने सड़क के बीचोबीच खड़े खतरनाक बिजली के खंभों की सुध ली है। हालांकि, जबतक यह खंभे हटेंगे कोहरे का कहर और इस खंभे से गाड़ियों के टकराने की चिंता लोग झेल चुके होंगे। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) द्वारका एक्सप्रेसवे पर सड़क के बीचोबीच खड़े बिजली के खंभों को हटाने की तैयारी में जुटा है। सर्दियों में सघन कोहरे के दौरान इससे टकराने की आशंका बनी रहती है। सेक्टर-102 के लोग काफी दिन से अंडरपास के आगे सड़क के बीचोबीच बने खंभे को हटाने की गुहार लगाते रहे हैं।
निवासियों ने बताया कि जीएमडीए और ट्रैफिक डीसीपी ने करीब 10 दिन पहले उस खंभे को हटाने के लिए एचवीपीएन को पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया है कि अगर इसकी वजह से कोई दुर्घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। वहीं, एचवीपीएन की एसडीओ पूनम चंद ने बताया कि बजघेड़ा और पालम विहार में सड़क के बीचोबीच बने खतरनाक खंभे को हटाए जाने का वर्क ऑर्डर जारी हो गया है। इस प्रक्रिया के पूरे होने में करीब दो महीने का समय लगेगा। 15 दिन में उसे हटाकर दूसरी जगह लगाने के लिए खंभा तैयार होगा।
सेक्टर-102 के खंभे के संबंध में एचवीपीएन के मानेसर के एसडीओ भुट्टो खान ने बताया कि 66 केवी से ज्यादा के खंभों को हटाने के लिए एप्रूवल की जरूरत होती है। उन्होंने जीएमडीए को लिखा है। खंभा उनकी जमीन पर है या तो किसी प्राइवेट वेंडर से वे खुद खंभा हटवाएंगे या इसकी अनुमति देंगे ताकि एचवीपीएन टेंडर कर इसे हटवा सके। अनुमति पत्र मिलने के बाद मुख्यालय के अनुमति लेकर इसे हटाने प्रक्रिया की जाएगी।
गुरुग्राम: जीएमडीए और ट्रैफिक डीसीपी ने एचवीपीएन को खंभे हटवाने के संदर्भ में लिखा पत्र

