Aligarh के बरौला जाफराबाद इलाके में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए खूनी विवाद में दर्दनाक मोड़ आ गया। गोली लगने से बेटे सोनू की मौत के करीब 36 घंटे बाद उसके पिता प्रवेश ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, 18 दिसंबर को मोहल्ला जाहरवीर नगर में भाइयों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि रवेंद्र और दिनेश पक्ष ने फायरिंग की, जिसमें सोनू को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल प्रवेश का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, जहां 19 दिसंबर की रात ऑपरेशन के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद दादा हरदयाल ने 19 दिसंबर को पैतृक संपत्ति का हिस्सा मृत सोनू के पांच वर्षीय बेटे और दूसरे बेटे किशन गोपाल के नाम कर दिया। यह लिखापढ़ी तहसील में पूरी कराई गई।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह के मुताबिक, मामले में नामजद प्रवेश के सगे भाई रवेंद्र और दिनेश तथा भतीजे कृष्णा को गिरफ्तार किया गया है। तीनों से देर शाम तक पूछताछ की गई और शनिवार को उन्हें जेल भेजा जाएगा।
पूछताछ में सामने आया कि घटना वाले दिन सुबह प्रवेश और रवेंद्र के बीच मारपीट हुई थी। इसी दौरान सोनू मौके पर पहुंचा और झगड़ा बढ़ गया। मारपीट में रवेंद्र का सिर फट गया, जिसके बाद गुस्से में आकर फायरिंग की गई। हिरासत में लिए गए रवेंद्र के सिर पर पट्टी बंधी पाई गई।
डॉक्टरों के अनुसार, सोनू को दो गोलियां लगी थीं। एक गोली छाती से होकर फेफड़े को भेदते हुए पसली तोड़कर निकल गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौत हो गई। दूसरी गोली बगल से लगी और शरीर में ही फंसी रह गई, जिसकी पुष्टि एक्स-रे में हुई।
सोनू की मौत के बाद प्रवेश की हालत लगातार नाजुक बनी रही। दाईं बगल से लगी गोली के कारण आंतों में गंभीर चोट और संक्रमण फैल गया था। रात में ऑपरेशन के बावजूद शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए आगे की कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।