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गुरुग्राम: निजी दफ्तरों में अगले आदेश तक ”वर्क फ्रॉम होम”

ByAnkshree

Dec 22, 2025
गुरुग्राम। वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के चौथे चरण को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लागू किया गया है। आयोग के आदेशों के अनुपालन में गुरुग्राम जिले में राज्य सरकार तथा नगर निकायों के अधीन संचालित सभी सार्वजनिक कार्यालयों की ऑफिस टाइमिंग में बदलाव किया गया है।
उपायुक्त अजय कुमार ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और यातायात व भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। ग्रेप के चौथे चरण के तहत जारी आदेशों के अनुसार गुरुग्राम जिले में सार्वजनिक कार्यालयों के समय में अस्थायी रूप से परिवर्तन किया गया है। राज्य सरकार के अधीन कार्यालय प्रातः 9:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक, नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर के अधीन कार्यालय तथा नगर परिषद सोहना, पटौदी मंडी एवं नगर पालिका फर्रुखनगर के कार्यालय प्रातः 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक कार्य करेंगे। यह व्यवस्था ग्रेप-IV की अवधि तक प्रभावी रहेगी।

डीसी अजय कुमार ने जिले के सभी निजी संस्थानों को अगले आदेशों तक वर्क फ्रॉम होम अपनाने की एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही और भीड़भाड़ को कम कर वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। डीसी ने नागरिकों से प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने तथा प्रदूषण कम करने के लिए जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की।
जहरीली हवा और कोहरे की दोहरी मार
मिलेनियम सिटी में ग्रेप के नियमों के बाद भी हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। हवा की गुणवत्ता दिन-प्रतिदिन खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है। रविवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गुरुग्राम तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। दूसरी ओर प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों का समय बदल किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 328 दर्ज किया गया। वहीं मानेसर का एक्यूआई 199 दर्ज किया गया। रात के समय हवा चलने से मानेसर में रविवार को हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार नजर आया है, लेकिन गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता लगातार गंभीर श्रेणी में दर्ज की जा रही है। जहरीली हवा के चलते लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। रविवार को हल्की धूप निकलने से कुछ समय के लिए स्मॉग जैसी स्थिति नजर आई लेकिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना रहा। बढ़ते प्रदूषण के चलते बच्चों, बुजुर्गों और सांस से संंबंधी मरीजों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यदि प्रदूषण की स्थिति लगातार ऐसे ही बनी रही तो आने वाले समय में इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। बढ़ते प्रदूषण के साथ शहर में कोहरे ने भी लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। रविवार को कोहरे के चलते वाहन चालक अपने वाहनों की लाइट जलाकर धीमी गति से यात्रा करते नजर आए।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )