पालम विहार स्थित अपराध शाखा में तैनात एएसआई प्रवीन था। राजस्थान एसीबी की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि जोधपुर एसीबी ग्रामीण शाखा में दी शिकायत में एक व्यक्ति ने बताया था कि उसका मामा गुुरुग्राम के सदर थाना में वाहन चोरी के मामले में पालम विहार अपराध शाखा की हिरासत में है। पालम विहार अपराध शाखा आरोपी को जांच के लिए राजस्थान के जोधपुर लेकर आई है। इसी दौरान अपराध शाखा के एएसआई प्रवीन ने मामले में मदद करने और रिमांड के दौरान परेशान न करने के नाम पर तीन लाख रुपये मांगे हैं।
शिकायत की पुष्टि के बाद राजस्थान एसीबी की टीम ने आरोपी के एक परिवार वाले को रिश्वत के तौर पर मांगे गए रुपये देने के लिए भेजा। उसने एएसआई प्रवीन को हाईवे पर रुपये लेने के लिए बुलाया। राजस्थान एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को जो तीन लाख रुपये दिए थे, उनमें डेढ़ लाख रुपये असली नोट और डेढ़ लाख के डमी नोट थे। जैसे ही एएसआई प्रवीन ने रिश्वत के रुपये लिए, राजस्थान एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि तीन लाख रुपये रिश्वत लेने वाले एएसआई प्रवीन को सस्पेंड कर दिया गया है। एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। मामले में गुरुग्राम पुलिस भी मामले में छानबीन कर रही है।

