पर्यावरण कार्यकर्ता हितेंद्र गांधी ने अरावली रेंज की सुरक्षा से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से ‘100-मीटर टेस्ट’ नियम की समीक्षा करने का आग्रह किया है, क्योंकि इससे अरावली क्षेत्र का 90% हिस्सा कानूनी सुरक्षा से वंचित हो सकता है। गांधी ने अपनी दलीलों को संवैधानिक सिद्धांतों पर आधारित बताया है और अदालत से इस मामले पर फिर से विचार करने की अपील की है।
अरावली रेंज की सुरक्षा करने वाले पर्यावरण सुरक्षा उपायों को कथित तौर पर कमजोर करने से जुड़ा मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिसमें पर्यावरण कार्यकर्ता और वकील हितेंद्र गांधी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ‘100-मीटर टेस्ट’ नियम की समीक्षा के लिए पत्र लिखा है।
वकील गांधी के पत्र की एक कॉपी भारत के राष्ट्रपति को भी भेजी गई है। इस पत्र में अरावली पहाड़ियों और रेंज की परिभाषा पर पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश को मंजूरी देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा की मांग की गई है।