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नोएडा: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ आक्रोश, विहिप–बजरंग दल ने निकाला जुलूस, पुतला फूंककर जताया विरोध

ByAnkshree

Dec 26, 2025
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर नोएडा में लोगों का आक्रोश खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सेक्टर-21 स्थित नोएडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन पैदल जुलूस के रूप में सेक्टर-27 स्थित डीएम चौराहे तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

सुबह से ही नोएडा स्टेडियम परिसर में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता एकत्र होने लगे थे। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लिखी हुई थी। जैसे-जैसे लोगों की संख्या बढ़ती गई, माहौल नाराजगी और आक्रोश से भरता चला गया।

इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी संगठित होकर पैदल मार्च के रूप में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर रवाना हुए। पूरे रास्ते कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा की मांग को मुखर रूप से उठाते नजर आए। सेक्टर-27 स्थित डीएम चौराहे पर पहुंचकर उन्होंने बांग्लादेश सरकार का पुतला जलाया और प्रदर्शन को और तेज कर दिया।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संयोजक जितेंद्र कुमार ने कहा कि बांग्लादेश में प्रधानमंत्री यूनुस के कार्यकाल में हिंदुओं पर घोर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू युवक-युवतियों को घरों से निकालकर प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जान-माल की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है। उनका यह भी कहना था कि बांग्लादेश की पुलिस कथित तौर पर जिहादी तत्वों के आगे घुटने टेक चुकी है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और वहां धार्मिक आधार पर हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मंदिरों पर हमले, घरों में तोड़फोड़ और हिंदुओं को डराने-धमकाने जैसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने भारत सरकार से मांग की कि वह इस गंभीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए, ताकि वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं रुकते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )